बजट 2026-27 में भारत सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) 2.0 की घोषणा की गई। इसका उद्देश्य सेमीकंडक्टर उपकरण और सामग्री बनाना, भारतीय बौद्धिक संपदा की पूरी शृंखला तैयार करना, आपूर्ति शृंखलाओं को मज़बूत करना तथा उद्योग की अगुवाई में अनुसंधान और प्रशिक्षण केंद्रों को सहयोग देना है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की मांग में 2026-27 के बजट अनुमान के तहत इस मिशन के लिए ₹1,000 करोड़ दर्ज हैं। अलग से, वित्त मंत्री ने इलेक्ट्रॉनिक्स घटक विनिर्माण योजना का परिव्यय बढ़ाकर ₹40,000 करोड़ करने का प्रस्ताव रखा। अप्रैल 2025 में ₹22,919 करोड़ के परिव्यय के साथ शुरू हुई इस योजना को लक्ष्य से दोगुनी निवेश प्रतिबद्धताएँ मिल चुकी थीं। मिशन 2.0 वर्ष 2021 में शुरू हुए मूल मिशन पर आधारित है। चीन और ताइवान पर निर्भरता घटाकर आपूर्ति शृंखलाओं में विविधता लाने की कोशिशें दुनिया भर में बढ़ रही हैं। भारत इसी बदलाव के सहारे वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति शृंखला में महत्वपूर्ण हिस्सेदारी हासिल करना चाहता है।