प्रकाशित: 24 अक्टूबर 2025अर्थव्यवस्था
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 696.988 अरब डॉलर; स्वर्ण भंडार 120.853 अरब डॉलर
8 मई 2026 को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 696.988 अरब डॉलर रहा। स्वर्ण भंडार बढ़कर 120.853 अरब डॉलर हो गया, विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां 552.387 अरब डॉलर रहीं, विशेष आहरण अधिकार 18.873 अरब डॉलर और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष में भारत की आरक्षित स्थिति 4.875 अरब डॉलर रही।
27 फरवरी 2026 को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 728.494 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुँचा था, जिसके बाद बाजार दबाव और भारतीय रिज़र्व बैंक के हस्तक्षेप से इसमें गिरावट आई। मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार बाहरी झटकों से बचाव, रुपये की स्थिरता और भारत की बाहरी स्थिति को सहारा देता है।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
2025 में भारत के विदेशी मुद्रा भंडार कितने हैं?
2025 में भारत का **विदेशी मुद्रा भंडार 702 अरब डॉलर से अधिक** हो गया और **स्वर्ण भंडार 108.5 अरब डॉलर** से अधिक हो गया। भारत अब **चीन, जापान और स्विट्जरलैंड** के बाद विश्व का **चौथा सबसे बड़ा** विदेशी मुद्रा भंडार धारक है।
2025 में वैश्विक विदेशी मुद्रा भंडार में भारत की रैंकिंग क्या है?
भारत **चीन, जापान और स्विट्जरलैंड** के बाद विश्व का **चौथा सबसे बड़ा विदेशी मुद्रा भंडार धारक** है। RBI ने सोने की हिस्सेदारी बढ़ाकर भंडार में विविधता लाई है, जो कुल भंडार का लगभग **15.4%** है।
2025 में RBI के पास कितना सोना है?
**RBI** के पास **108.5 अरब डॉलर** से अधिक मूल्य का सोना है, जो भारत के **702 अरब डॉलर** से अधिक के कुल विदेशी मुद्रा भंडार का लगभग **15.4%** है। RBI ने अपने भंडार को विविध बनाने के लिए रणनीतिक तौर पर सोने की खरीद बढ़ाई है।
भारत के विदेशी मुद्रा भंडार के घटक क्या हैं?
भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में **विदेशी मुद्रा आस्तियाँ, सोना, SDR और IMF में आरक्षित स्थिति** शामिल हैं। कुल भंडार **702 अरब डॉलर** से अधिक है जिसमें सोना **108.5 अरब डॉलर** से अधिक है।
मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए कैसे सहायक होते हैं?
भारत के **702 अरब डॉलर** से अधिक के विदेशी मुद्रा भंडार **बाहरी झटकों से बचाव, रुपये की स्थिरता और संप्रभु ऋण प्रोफ़ाइल** को मजबूत करते हैं। RBI ने सोना बढ़ाकर भंडार में विविधता लाई है; सोना अब कुल भंडार का **15.4%** है।