मध्य प्रदेश ने 'मध्य प्रदेश SpaceTech नीति-2026' को औपचारिक मंजूरी देकर समर्पित राज्य-स्तरीय अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी नीति अपनाने वाले भारत के पहले राज्यों में जगह बनाई। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 15 जनवरी 2026 को भोपाल में 'मध्य प्रदेश क्षेत्रीय AI प्रभाव सम्मेलन-2026' में इस नीति को औपचारिक रूप से लॉन्च किया था। नीति का लक्ष्य पाँच वर्षों में ₹1,000 करोड़ का निवेश आकर्षित करना और लगभग 8,000 प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष नौकरियाँ पैदा करना है। इसके प्रमुख स्तंभों में SpaceTech स्टार्ट-अप, MSME और स्थापित उद्योगों के लिए वित्तीय सहायता, बुनियादी ढाँचे की मदद और अनुसंधान सहयोग; उपग्रह निर्माण, भू-स्थानिक डेटा विश्लेषण और अंतरिक्ष क्षेत्र के डाउनस्ट्रीम अनुप्रयोगों को बढ़ावा; तथा कृषि, आपदा प्रबंधन, जल संसाधन और शहरी नियोजन में अंतरिक्ष-आधारित तकनीकों का उपयोग शामिल है। MP कैबिनेट ने साथ ही 'मध्य प्रदेश स्पेस एक्ट 2026' को भी मंजूरी दी। विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग ने Google, NASSCOM, भाषिनी, CEEW, AISECT और यंगोवेटर सहित छह MoU पर हस्ताक्षर किए। भारत के IN-SPACe ढाँचे (2020) के तहत अंतरिक्ष क्षेत्र निजी खिलाड़ियों के लिए खुला है और राज्य NewSpace उद्योग निवेश आकर्षित करने की होड़ में हैं। पड़ोसी राजस्थान में उपग्रह ग्राउंड स्टेशनों तथा मरुस्थल और कृषि निगरानी के लिए रिमोट सेंसिंग अनुप्रयोगों की भारी संभावना है।