दिव्यांगजन अंतरराष्ट्रीय दिवस (3 दिसंबर 2025) पर, राजस्थान के सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग ने राज्य में दिव्यांगजन कल्याण से जुड़ी प्रमुख पहलों का उल्लेख किया। राजस्थान में अनुमानित 20 लाख से अधिक दिव्यांगजन हैं। प्रमुख योजनाएँ: (1) पालनहार योजना — विकलांग/विधवा/असहाय माता-पिता के बच्चों को 0-6 वर्ष के लिए ₹500/माह और 6-18 वर्ष के लिए ₹1,000/माह, पात्र मामलों में ₹2,000 वार्षिक अतिरिक्त सहायता (राष्ट्रीय मॉडल); (2) विकलांगता पेंशन: 40%+ विकलांगता पर ₹750-1,000/माह; (3) मुख्यमंत्री दिव्यांगजन स्कूटी योजना; (4) जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र (DDRC): 10 केंद्र; (5) UDID कार्ड वितरण; (6) विशेष विद्यालय; (7) ADIP सहायक उपकरण वितरण। CM भजनलाल शर्मा ने 100% UDID कवरेज की प्रतिबद्धता जताई।
राजस्थान में दिव्यांगजन से जुड़ी पहलें: दिव्यांगजन अंतरराष्ट्रीय दिवस पर पालनहार योजना और राज्य विकलांगता कल्याण
दिव्यांगजन अंतरराष्ट्रीय दिवस (3 दिसंबर 2025) पर, राजस्थान के सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग ने राज्य में दिव्यांगजन कल्याण से जुड़ी प्रमुख पहलों का उल्लेख किया। राजस्थान में अनुमानित 20 लाख से अधिक दिव्यांगजन हैं। प्रमुख योजनाएं: (1) पालनहार योजना — विकलांग/विधवा/असहाय माता-पिता के बच्चों को 0-6 वर्ष के लिए ₹500/माह और 6-18 वर्ष के लिए ₹1,000/माह, पात्र मामलों में ₹2,000 वार्षिक अतिरिक्त सहायता (राष्ट्रीय मॉडल); (2) विकलांगता पेंशन: 40%+ विकलांगता पर ₹750-1,000/माह; (3) मुख्यमंत्री दिव्यांगजन स्कूटी योजना; (4) जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र (DDRC): 10 केंद्र; (5) UDID कार्ड वितरण; (6) विशेष विद्यालय; (7) ADIP सहायक उपकरण वितरण। CM भजनलाल शर्मा ने 100% UDID कवरेज की प्रतिबद्धता जताई।
मुख्य तथ्य
- राजस्थान में अनुमानित 20 लाख से अधिक दिव्यांगजन हैं।
- पालनहार योजना दिव्यांग या निराश्रित माता-पिता के बच्चों को ₹1,500 प्रति माह प्रदान करती है।
- मुख्यमंत्री दिव्यांगजन स्कूटी योजना उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे दिव्यांग छात्रों को स्कूटी प्रदान करती है।
- दस जिला विकलांगता पुनर्वास केंद्र निःशुल्क निदान और व्यावसायिक सेवाएँ देते हैं।
- CM भजनलाल शर्मा ने 2025-26 में राजस्थान में 100% UDID कार्ड कवरेज का लक्ष्य रखा।
- राजस्थान दृष्टिबाधित, श्रवणबाधित और बौद्धिक रूप से दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष विद्यालय चलाता है।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
राजस्थान में पालनहार योजना क्या है और इसके लाभार्थी कौन हैं?
पालनहार योजना राजस्थान की अनूठी कल्याण योजना है, जो दिव्यांग, विधवा या असहाय माता-पिता के ऐसे 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को ₹1,500 प्रति माह देती है, जिनकी परवरिश रिश्तेदार कर रहे हैं। ऐसे बच्चों को सरकारी संस्थानों में रखने की बजाय यह योजना उनकी पारिवारिक देखभाल में मदद करती है, जिससे यह बाल कल्याण में राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त मॉडल बन गई है।
राजस्थान में दिव्यांगजनों की अनुमानित जनसंख्या कितनी है?
राजस्थान में दिव्यांगजनों की संख्या 20 लाख (20 लाख) या उससे अधिक अनुमानित है। राज्य इस आबादी के लिए विकलांगता पेंशन, सहायक उपकरण, विशेष विद्यालय और व्यावसायिक पुनर्वास सेवाओं सहित कई कल्याण योजनाएँ चलाता है।
राजस्थान में विकलांगता पेंशन की राशि क्या है और पात्रता मानदंड क्या है?
राजस्थान की सामाजिक सुरक्षा विकलांगता पेंशन 40% या उससे अधिक विकलांगता वाले व्यक्तियों को ₹750 से ₹1,000 प्रति माह देती है। यह पेंशन राज्य के सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के अंतर्गत दिव्यांगजनों के लिए बनी व्यापक सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा है।
मुख्यमंत्री दिव्यांगजन स्कूटी योजना क्या है और इससे किसे लाभ मिलता है?
मुख्यमंत्री दिव्यांगजन स्कूटी योजना राजस्थान राज्य की एक योजना है जो उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे दिव्यांग छात्रों को निःशुल्क स्कूटी देती है। इसका उद्देश्य दिव्यांग छात्रों के लिए शैक्षणिक संस्थानों तक आवागमन और पहुँच को बेहतर बनाना है, ताकि वे परिवहन की बाधाओं के बिना अपनी पढ़ाई जारी रख सकें।
UDID कार्ड क्या है और CM भजनलाल शर्मा ने राजस्थान में 100% UDID कवरेज का संकल्प क्यों लिया?
यूनीक डिसेबिलिटी आईडी (UDID) कार्ड सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के तहत दिव्यांगजनों के लिए जारी किया जाने वाला राष्ट्रीय पहचान दस्तावेज है। यह विकलांगता प्रमाण-पत्रों को एक जगह जोड़ता है और केंद्र व राज्य सरकार की सभी विकलांगता सुविधाओं तक आसान पहुँच सुनिश्चित करता है। CM भजनलाल शर्मा ने 2025-26 तक राजस्थान में 100% UDID कार्ड कवरेज का संकल्प लिया, ताकि कोई भी पात्र दिव्यांगजन सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे।
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