₹4,666 करोड़ के दो प्रमुख रक्षा खरीद अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए गए। ₹2,770 करोड़ का पहला अनुबंध सेना और नौसेना के लिए 4.25 लाख से अधिक निकट दूरी की लड़ाई के लिए बनी कार्बाइन (CQB कार्बाइन) का है। भारत फोर्ज लिमिटेड और पीएलआर सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ हुए इन अनुबंधों के तहत कार्बाइन की आपूर्ति 5 वर्षों में की जाएगी। ₹1,896 करोड़ का दूसरा अनुबंध इटली की WASS से कलवरी-श्रेणी की पनडुब्बियों के लिए 48 हेवीवेट टॉरपीडो खरीदने का है। इनकी आपूर्ति अप्रैल 2028 से 2030 की शुरुआत तक होगी। वित्तीय वर्ष 2025-26 में पूंजीगत अनुबंधों की कुल राशि ₹1,82,492 करोड़ तक पहुँच गई।
कार्बाइन और टॉरपीडो के लिए ₹4,666 करोड़ के रक्षा खरीद अनुबंधों पर हस्ताक्षर
4.25 लाख कार्बाइन (भारत फोर्ज/पीएलआर) और कलवरी-श्रेणी की पनडुब्बियों के लिए 48 टॉरपीडो की खरीद के ₹4,666 करोड़ के रक्षा अनुबंध।
मुख्य तथ्य
- वित्तीय वर्ष 2025-26 में ₹4,666 करोड़ के दो रक्षा खरीद अनुबंध किए गए।
- सेना और नौसेना के लिए 4.25 लाख से अधिक निकट दूरी की लड़ाई वाली कार्बाइन का ₹2,770 करोड़ का अनुबंध किया गया। इनका निर्माण भारत फोर्ज (60%) और पीएलआर सिस्टम्स (40%) करेंगे और आपूर्ति 5 वर्षों में होगी।
- कलवरी-श्रेणी की पनडुब्बियों के लिए इटली की WASS से 48 हेवीवेट टॉरपीडो खरीदने का ₹1,896 करोड़ का अनुबंध किया गया; इनकी आपूर्ति अप्रैल 2028 से होगी।
- वित्तीय वर्ष 2025-26 में पूंजीगत अनुबंधों की कुल राशि ₹1,82,492 करोड़ तक पहुँच गई।
6-अक्ष वर्गीकरण
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अभ्यास प्रश्न MCQ
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कलवरी श्रेणी की पनडुब्बियों के लिए ₹1,896 करोड़ के हैवी वेट टॉरपीडो अनुबंध पर किस देश की कंपनी से समझौता हुआ?
1,896 करोड़ रुपये का टॉरपीडो अनुबंध छह कलवरी श्रेणी (प्रोजेक्ट-75) पनडुब्बियों के लिए 48 हैवीवेट टॉरपीडो की आपूर्ति और एकीकरण के लिए इटली की WASS सबमरीन सिस्टम्स SRL के साथ हस्ताक्षरित किया गया। डिलीवरी अप्रैल 2028 से शुरू होने की उम्मीद है।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत की रक्षा खरीद के तहत निकट दूरी की लड़ाई वाली कार्बाइन के निर्माण में दोनों कंपनियों की हिस्सेदारी कितनी है?
**₹2,770 करोड़ के कार्बाइन अनुबंध** में **भारत फोर्ज 60%** और **पीएलआर सिस्टम्स 40%** कार्बाइन बनाएंगे। **4.25 लाख से अधिक** कार्बाइन की आपूर्ति **5 वर्षों** में की जाएगी। इससे रक्षा क्षेत्र में स्वदेशीकरण के लिए **मेक इन इंडिया** पहल को बढ़ावा मिलेगा।
भारत की रक्षा खरीद के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में पूंजीगत अनुबंधों की कुल राशि कितनी थी?
भारत में **वित्तीय वर्ष 2025-26 के पूंजीगत अनुबंधों की कुल राशि ₹1,82,492 करोड़** तक पहुँच गई। इनमें **₹2,770 करोड़** का कार्बाइन अनुबंध और **₹1,896 करोड़** का, कलवरी-श्रेणी की पनडुब्बियों के लिए **इटली की WASS** से **48 हेवीवेट टॉरपीडो** खरीदने का अनुबंध शामिल है।
कलवरी-श्रेणी की पनडुब्बियों के लिए हेवीवेट टॉरपीडो की आपूर्ति कब शुरू होगी?
**कलवरी-श्रेणी (प्रोजेक्ट-75) की पनडुब्बियों** के लिए **इटली की WASS** से **48 हेवीवेट टॉरपीडो** की आपूर्ति **अप्रैल 2028** से शुरू होकर **2030 की शुरुआत** तक चलने की उम्मीद है। **₹1,896 करोड़** का यह अनुबंध कुल **₹4,666 करोड़** के रक्षा खरीद सौदों का हिस्सा है।
निकट दूरी की लड़ाई वाली कार्बाइन के अनुबंध में भारत फोर्ज और पीएलआर सिस्टम्स की हिस्सेदारी कितनी है?
**₹2,770 करोड़** के कार्बाइन अनुबंध के तहत **4.25 लाख से अधिक कार्बाइन** की आपूर्ति होगी। इनमें **भारत फोर्ज 60%** और **पीएलआर सिस्टम्स 40%** कार्बाइन की आपूर्ति करेंगे। ये कार्बाइन **5 वर्षों** में **भारतीय सेना और नौसेना** को दी जाएँगी। वित्तीय वर्ष 2025-26 में पूंजीगत अनुबंधों की कुल राशि **₹1,82,492 करोड़** रही।
₹4,666 करोड़ के रक्षा खरीद अनुबंधों में क्या-क्या शामिल है?
**₹4,666 करोड़** के दो रक्षा अनुबंध किए गए: (1) **₹2,770 करोड़** में सेना और नौसेना के लिए **4.25 लाख से अधिक 5.56 mm निकट दूरी की लड़ाई वाली कार्बाइन** (भारत फोर्ज 60%, पीएलआर सिस्टम्स 40%) और (2) **₹1,896 करोड़** में **इटली की WASS** से **कलवरी-श्रेणी की पनडुब्बियों** के लिए **48 हेवीवेट टॉरपीडो**, जिनकी आपूर्ति **अप्रैल 2028** से होगी।
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