भारत सरकार ने जनवरी 2026 में इंडिया एआई मिशन को एक प्रमुख राष्ट्रीय पहल बताया। मिशन के लिए ₹10,372 करोड़ से अधिक का निवेश तय किया गया है और एआई सेवा प्रदाताओं के ज़रिए 38,000 से अधिक ग्राफ़िक्स प्रोसेसिंग यूनिट (जीपीयू) को सूची में शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मदद से भारत में समावेशी विकास, नवाचार और डिजिटल शासन को आगे बढ़ाना है। मिशन के तहत एआई स्टार्टअप को बढ़ावा देना, अनुसंधान केंद्र स्थापित करना, स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि के लिए एआई अनुप्रयोग तैयार करना तथा सुरक्षित और भरोसेमंद एआई के लिए डेटा व कंप्यूटिंग ढाँचा बनाना शामिल है। राजस्थान जनवरी 2026 में जयपुर में क्षेत्रीय एआई प्रभाव सम्मेलन की मेजबानी करेगा। यह सम्मेलन इंडिया एआई प्रभाव शिखर सम्मेलन 2026 की तैयारी का हिस्सा है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अनुसार, एआई विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण का अभिन्न अंग है। इंडिया एआई मिशन भारतीय भाषाओं में एआई उपकरण उपलब्ध कराने पर भी ध्यान देता है, ताकि अलग-अलग भाषाएँ बोलने वाले लोगों तक इनकी समान पहुँच हो। भारत इस मिशन से देश में ही कंप्यूटिंग क्षमता विकसित कर रहा है। इसे विदेशी क्लाउड ढाँचे पर निर्भरता कम करने और देश का अपना एआई तंत्र बनाने की दिशा में रणनीतिक कदम माना जाता है।