प्रकाशित: 6 मार्च 2026समाचार स्रोतविज्ञान-प्रौद्योगिकी
भारत अंतरिक्ष संपत्तियों की सुरक्षा के लिए 'बॉडीगार्ड उपग्रह' विकसित कर रहा है; MoD और ISRO निजी स्टार्टअप की निगरानी करेंगे
भारत 'बॉडीगार्ड उपग्रह' कार्यक्रम विकसित कर रहा है — ये सुरक्षात्मक अंतरिक्ष यान कक्षा में महत्त्वपूर्ण उपग्रहों को शत्रुतापूर्ण खतरों से बचाएंगे। सरकार ने उपग्रह सुरक्षा परियोजना (SPP) के लिए निजी स्टार्टअप — विशेषकर बेंगलुरु की Digantara — को शामिल किया है। दो प्रकार की सुरक्षा प्रणालियाँ विकसित हो रही हैं: रोबोटिक आर्म तंत्र और एनक्लोज़र तंत्र। MoD और ISRO संयुक्त पर्यवेक्षण करेंगे.
यह पहल भारत के ₹27,000 करोड़ के अंतरिक्ष-आधारित निगरानी (SBS) फेज-III कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसमें 52 निगरानी उपग्रह शामिल हैं।
बॉडीगार्ड उपग्रहों की ज़रूरत बाहरी अंतरिक्ष में बढ़ते खतरों के कारण महसूस हुई है: ASAT हथियार (भारत ने मार्च 2019 में मिशन शक्ति से यह क्षमता प्रदर्शित की), को-ऑर्बिटल हमले, निर्देशित-ऊर्जा हथियार, और संकेत जैमिंग/स्पूफिंग।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत जिन 'बॉडीगार्ड उपग्रहों' को विकसित कर रहा है, उनकी अवधारणा क्या है?
बॉडीगार्ड उपग्रह ऐसे सुरक्षात्मक अंतरिक्ष यान हैं जो भारत की अहम कक्षीय संपत्तियों की रक्षा करेंगे। इनके दो प्रकार हैं: (1) रोबोटिक आर्म तंत्र — शत्रु की समान-कक्षा वाली वस्तुओं को रोकने या उनकी दिशा बदलने के लिए; (2) एनक्लोज़र तंत्र — मलबे, काइनेटिक प्रभावों या निर्देशित ऊर्जा से होने वाले हमलों से भौतिक सुरक्षा। MoD और ISRO इसकी निगरानी करेंगे; Digantara प्रमुख ठेकेदार है।
SBS फेज-III कार्यक्रम क्या है?
अंतरिक्ष-आधारित निगरानी (SBS) फेज-III ₹27,000 करोड़ का कार्यक्रम है, जिसके तहत ISR के लिए 52 निगरानी उपग्रह तैनात किए जाएंगे। बॉडीगार्ड उपग्रह इन्हीं की सुरक्षा के लिए विकसित किए जा रहे हैं।
मिशन शक्ति क्या था और यह यहाँ क्यों प्रासंगिक है?
मिशन शक्ति (27 मार्च 2019) भारत का पहला ASAT परीक्षण था — इसमें DRDO द्वारा विकसित मिसाइल से LEO में Microsat-R उपग्रह को नष्ट किया गया। भारत US, रूस और चीन के बाद ASAT क्षमता वाला चौथा देश बना। खतरे का यही माहौल बॉडीगार्ड उपग्रह पहल की वजह है।
IN-SPACe क्या है?
IN-SPACe (भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन और प्राधिकरण केंद्र) 2020 में स्थापित हुआ। यह ISRO और Digantara जैसी निजी क्षेत्र की कंपनियों के बीच सेतु का काम करता है और भारत के अंतरिक्ष निजीकरण रोडमैप को आगे बढ़ाता है।
Digantara क्या है और यह क्यों महत्वपूर्ण है?
Digantara बेंगलुरु का अंतरिक्ष-टेक स्टार्टअप है, जो अंतरिक्ष स्थितिजन्य जागरूकता (SSA) में विशेषज्ञता रखता है। सरकार की उपग्रह सुरक्षा परियोजना के लिए इसका चयन दिखाता है कि रक्षा और अंतरिक्ष क्षेत्र के जुड़ाव में भारत निजी क्षेत्र पर अधिक निर्भर हो रहा है।