बजट 2026-27 में बायोफार्मा शक्ति (ज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के ज़रिए स्वास्थ्य सेवा को आगे बढ़ाने की रणनीति) के लिए 5 वर्षों में ₹10,000 करोड़ के परिव्यय की घोषणा की गई। यह पहल कैंसर, मधुमेह और स्वप्रतिरक्षा विकार जैसे गैर-संचारी रोगों के लिए बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर के घरेलू उत्पादन पर केंद्रित है। इसके प्रमुख घटक हैं: 3 नए राष्ट्रीय औषधि शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थानों (NIPER) की स्थापना और 7 मौजूदा संस्थानों का उन्नयन; 1,000 से अधिक मान्यता प्राप्त भारतीय नैदानिक परीक्षण केंद्रों का नेटवर्क बनाना; और वैश्विक मंज़ूरी की समय-सीमाएँ पूरी करने के लिए केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) में एक समर्पित वैज्ञानिक समीक्षा संवर्ग बनाकर उसे मज़बूत करना। जेनेरिक दवाओं के क्षेत्र में भारत की मौजूदा ताकत ने उसे 'दुनिया की फार्मेसी' बनाया है। योजना का लक्ष्य इसी आधार पर देश को वैश्विक बायोफार्मा विनिर्माण केंद्र बनाना है।
बजट 2026: बायोफार्मा शक्ति — भारत को वैश्विक जैव-विनिर्माण केंद्र बनाने के लिए ₹10,000 करोड़
बायोफार्मा शक्ति: 5 वर्षों में ₹10,000 करोड़; 3 नए राष्ट्रीय औषधि शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान; 1,000 से अधिक नैदानिक परीक्षण केंद्र; केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन को मज़बूत करना; बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर पर ज़ोर।
मुख्य तथ्य
- बजट 2026-27 में बायोफार्मा शक्ति (ज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के ज़रिए स्वास्थ्य सेवा को आगे बढ़ाने की रणनीति) के लिए 5 वर्षों में ₹10,000 करोड़ का प्रावधान किया गया।
- योजना कैंसर, मधुमेह और स्वप्रतिरक्षा विकारों के लिए बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देती है।
- 3 नए राष्ट्रीय औषधि शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (NIPER) स्थापित किए जाएंगे और 7 मौजूदा संस्थानों का उन्नयन किया जाएगा।
- 1,000 से अधिक मान्यता प्राप्त भारतीय नैदानिक परीक्षण केंद्रों का नेटवर्क बनाया जाएगा।
- वैश्विक मंज़ूरी की समय-सीमाएँ पूरी करने के लिए केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) में एक समर्पित वैज्ञानिक समीक्षा संवर्ग बनाकर उसे मज़बूत किया जाएगा।
- जेनेरिक दवाओं में भारत की मौजूदा ताकत का लाभ उठाकर देश को वैश्विक बायोफार्मा विनिर्माण केंद्र बनाने का लक्ष्य है।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: भारत को वैश्विक जैव-विनिर्माण केंद्र बनाने के लिए बजट 2026 में घोषित बायोफार्मा शक्ति योजना के उद्देश्यों और प्रमुख घटकों की चर्चा कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
बजट 2026-27 में 5 वर्षों के लिए ₹10,000 करोड़ की बायोफार्मा शक्ति योजना घोषित की गई। इसका लक्ष्य कैंसर, मधुमेह और स्वप्रतिरक्षा विकारों के लिए बायोलॉजिक्स तथा बायोसिमिलर का घरेलू उत्पादन बढ़ाना है। इसके प्रमुख घटक हैं: 3 नए राष्ट्रीय औषधि शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (NIPER), 7 मौजूदा संस्थानों का उन्नयन, 1,000 से अधिक मान्यता प्राप्त नैदानिक परीक्षण केंद्र और वैश्विक मंज़ूरी की समय-सीमाएँ पूरी करने के लिए केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) में समर्पित वैज्ञानिक समीक्षा संवर्ग।
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बजट 2026-27 में बायोफार्मा शक्ति का परिव्यय कितना है?
बायोफार्मा शक्ति के लिए 5 वर्षों में ₹10,000 करोड़ रखे गए हैं, ताकि भारत को वैश्विक बायोमैन्युफैक्चरिंग हब बनाया जा सके।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
बजट 2026-27 में घोषित बायोफार्मा शक्ति योजना क्या है?
**बायोफार्मा शक्ति (ज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के ज़रिए स्वास्थ्य सेवा को आगे बढ़ाने की रणनीति)** बजट 2026-27 में घोषित 5 वर्षों की **₹10,000 करोड़** की पहल है। इसका लक्ष्य कैंसर, मधुमेह और स्वप्रतिरक्षा विकार जैसे गैर-संचारी रोगों के लिए **बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर** का घरेलू उत्पादन बढ़ाना और भारत को **वैश्विक बायोफार्मा विनिर्माण केंद्र** बनाना है।
बायोफार्मा शक्ति योजना के मुख्य घटक क्या हैं?
**बायोफार्मा शक्ति** के तहत **3 नए राष्ट्रीय औषधि शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (NIPER)** स्थापित किए जाएंगे और **7 मौजूदा संस्थानों का उन्नयन** होगा; **1,000 से अधिक मान्यता प्राप्त भारतीय नैदानिक परीक्षण केंद्रों** का नेटवर्क बनेगा; वैश्विक मंज़ूरी की समय-सीमाएँ पूरी करने के लिए **केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO)** में एक समर्पित वैज्ञानिक समीक्षा संवर्ग बनाकर उसे मज़बूत किया जाएगा; और गैर-संचारी रोगों के लिए **बायोलॉजिक्स तथा बायोसिमिलर** पर ध्यान दिया जाएगा।
वैश्विक फार्मा क्षेत्र में बायोफार्मा शक्ति का क्या महत्व है?
जेनेरिक दवाओं के निर्माण में भारत की ताकत ने उसे **दुनिया की फार्मेसी** बनाया है। **बायोफार्मा शक्ति** के तहत भारत **बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर** बनाने की अपनी क्षमता भी बढ़ाएगा। ये कैंसर, मधुमेह और स्वप्रतिरक्षा रोगों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली अगली पीढ़ी की दवाएँ हैं। **5 वर्षों में ₹10,000 करोड़** के प्रावधान से भारत औषधि मूल्य-शृंखला में जेनेरिक दवाओं से आगे बढ़कर जटिल जैविक दवाओं का निर्माण कर सकेगा।
CDSCO क्या है और बायोफार्मा शक्ति इसे कैसे मज़बूत करती है?
**केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO)** भारत में औषधियों और चिकित्सा उपकरणों का राष्ट्रीय नियामक है। बायोफार्मा शक्ति इसमें एक समर्पित वैज्ञानिक समीक्षा संवर्ग बनाकर इसे मज़बूत करती है, ताकि यह अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन और यूरोपीय औषधि एजेंसी के बराबर समय में मंज़ूरी दे सके। इससे भारत में बायोफार्मा संबंधी मंज़ूरी की प्रक्रिया अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक प्रतिस्पर्धी और तेज़ होगी।
बजट 2026-27 में बायोफार्मा शक्ति के तहत कितने नए NIPER की योजना है?
बजट 2026-27 में **बायोफार्मा शक्ति** के तहत **3 नए राष्ट्रीय औषधि शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (NIPER)** स्थापित करने और **7 मौजूदा संस्थानों का उन्नयन** करने की योजना है। ये प्रमुख औषधि शोध एवं शिक्षा संस्थान भारतीय औषधि उद्योग के लिए वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं को प्रशिक्षित करते हैं।
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