31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया जाता है। यह दिन सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती से जुड़ा है और राष्ट्रीय एकता, अखंडता तथा राजनीतिक एकीकरण के विचार को याद कराता है। 2025 में इसका महत्व इसलिए बढ़ा, क्योंकि यह सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती का वर्ष है। मुख्य समारोह एकता नगर, गुजरात में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी परिसर में आयोजित हुआ, जो 182 मीटर ऊंची प्रतिमा के लिए जाना जाता है। गुजरात पर्यटन के अनुसार स्टैच्यू ऑफ यूनिटी दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा है और यह सरदार वल्लभभाई पटेल को समर्पित है।

परीक्षा में इसे केवल एक वार्षिक दिवस की तरह नहीं पढ़ना चाहिए। इससे स्वतंत्रता के बाद भारतीय संघ का निर्माण, रियासतों का एकीकरण, मजबूत केंद्र, आंतरिक सुरक्षा और प्रशासनिक एकता समझने में मदद मिलती है। सरदार वल्लभभाई पटेल भारत के पहले उप-प्रधानमंत्री और गृह मंत्री थे। पीआईबी के अनुसार उन्हें स्वतंत्रता के बाद 560 से अधिक रियासतों को भारतीय संघ में मिलाने का कार्य मिला था। इसी कारण राष्ट्रीय एकता दिवस पढ़ते समय पटेल की भूमिका, रियासतों के विलय और संघीय ढांचे की मजबूती को साथ में याद रखना चाहिए।

2025 के समारोह में एकता परेड, राष्ट्रीय एकता शपथ, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और रन फॉर यूनिटी जैसे कार्यक्रमों पर जोर रहा। पर्यटन मंत्रालय के उत्सव पोर्टल पर 31 अक्टूबर 2025 को एकता नगर में हुए कार्यक्रम को 150वीं जयंती से जोड़ा गया और 1-15 नवंबर 2025 तक भारत पर्व का उल्लेख भी किया गया। प्रीलिम्स में तिथि, स्थान, प्रतिमा की ऊंचाई और सरदार वल्लभभाई पटेल की भूमिका पूछी जा सकती है। मुख्य परीक्षा में राष्ट्रीय एकीकरण, विविधता में एकता और संघीय ढांचे की मजबूती समझाने के लिए यह उदाहरण उपयोगी है।