प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 नवंबर 2025 को कोयंबटूर, तमिलनाडु में दक्षिण भारत प्राकृतिक कृषि शिखर सम्मेलन 2025 का उद्घाटन किया। तीन दिवसीय सम्मेलन (19–21 नवंबर) का आयोजन तमिलनाडु नेचुरल फार्मिंग स्टेकहोल्डर्स फोरम द्वारा किया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने जोर देकर कहा कि प्राकृतिक खेती भारत की अपनी देशज पहल है, जो प्राचीन परंपराओं में निहित है और अत्यधिक रासायनिक उर्वरकों से भूमि की उर्वरता घट रही है। उन्होंने PM-किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त भी जारी की — देशभर के किसानों के बैंक खातों में सीधे ₹18,000 करोड़ स्थानांतरित किए गए, जिससे योजना के तहत कुल हस्तांतरण ₹4 लाख करोड़ हो गया। सम्मेलन में 300 प्रदर्शनी स्टॉल, वैज्ञानिकों और नीति निर्माताओं के साथ संवादात्मक सत्र, प्राकृतिक खेती का सजीव प्रदर्शन और युवा व महिला किसानों पर विशेष ध्यान रखा गया। किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना के तहत इस वर्ष किसानों को ₹10 लाख करोड़ से अधिक की सहायता दी गई।
पीएम मोदी ने कोयंबटूर में दक्षिण भारत प्राकृतिक कृषि शिखर सम्मेलन 2025 का उद्घाटन किया; PM-KISAN की 21वीं किस्त ₹18,000 करोड़ जारी की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 नवंबर 2025 को कोयंबटूर, तमिलनाडु में दक्षिण भारत प्राकृतिक कृषि शिखर सम्मेलन 2025 का उद्घाटन किया। तीन दिवसीय सम्मेलन (19–21 नवंबर) का आयोजन तमिलनाडु नेचुरल फार्मिंग स्टेकहोल्डर्स फोरम ने किया। पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि प्राकृतिक खेती भारत की अपनी देशज पहल है, जो प्राचीन परंपराओं में निहित है और अत्यधिक रासायनिक उर्वरकों से भूमि की उर्वरता घट रही है। उन्होंने PM-किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त भी जारी की — देशभर के किसानों के बैंक खातों में सीधे ₹18,000 करोड़ स्थानांतरित किए गए, जिससे योजना के तहत कुल हस्तांतरण ₹4 लाख करोड़ हो गया। सम्मेलन में 300 प्रदर्शनी स्टॉल, वैज्ञानिकों और नीति निर्माताओं के साथ सीधी बातचीत के सत्र, प्राकृतिक खेती का सजीव प्रदर्शन और युवा व महिला किसानों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना के तहत इस वर्ष किसानों को ₹10 लाख करोड़ से अधिक की सहायता दी गई।
मुख्य तथ्य
- PM मोदी ने कोयंबटूर में दक्षिण भारत प्राकृतिक कृषि शिखर सम्मेलन 2025 का उद्घाटन किया।
- उन्होंने PM-KISAN की 21वीं किस्त के रूप में ₹18,000 करोड़ किसानों के खातों में जारी किए।
- PM-KISAN के तहत संचयी DBT ₹4 लाख करोड़ तक पहुंच गया।
- PM ने जोर दिया कि प्राकृतिक खेती लागत घटाती है और मिट्टी में सूक्ष्मजीवों की सेहत सुधारती है।
- किसान क्रेडिट कार्ड योजना ने इस वर्ष किसानों को ₹10 लाख करोड़ से अधिक की सहायता दी।
- सम्मेलन में 300 प्रदर्शनी स्टॉल लगे और युवा व महिला किसानों पर विशेष ध्यान रहा।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: प्रधानमंत्री मोदी द्वारा कोयंबटूर में दक्षिण भारत प्राकृतिक कृषि शिखर सम्मेलन 2025 के उद्घाटन एवं 21वीं पीएम-किसान किस्त जारी करने के भारतीय कृषि के लिए महत्व का विश्लेषण करें।
उत्तर (50 शब्द):
19 नवंबर 2025 को प्रधानमंत्री मोदी ने कोयंबटूर में दक्षिण भारत प्राकृतिक कृषि शिखर सम्मेलन का उद्घाटन किया तथा 21वीं पीएम-किसान किस्त जारी कर ₹18,000 करोड़ सीधे किसानों को हस्तांतरित किए; संचयी हस्तांतरण ₹4 लाख करोड़ पहुँचा। तीन-दिवसीय सम्मेलन में 300 स्टॉल; किसान क्रेडिट कार्ड के तहत इस वर्ष ₹10 लाख करोड़ वितरित किए गए।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 नवंबर 2025 को दक्षिण भारत प्राकृतिक कृषि शिखर सम्मेलन 2025 का उद्घाटन कहाँ किया?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 नवंबर 2025 को तमिलनाडु के कोयंबटूर में दक्षिण भारत प्राकृतिक कृषि शिखर सम्मेलन 2025 का उद्घाटन किया और उसे संबोधित किया। यह सम्मेलन प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और किसानों से संवाद पर केंद्रित था।
स्रोत: PIB
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दक्षिण भारत प्राकृतिक कृषि शिखर सम्मेलन 2025 का उद्घाटन कहाँ और कब हुआ, और इसका आयोजन किसने किया?
PM मोदी ने 19 नवंबर 2025 को कोयंबटूर, तमिलनाडु में इस तीन दिवसीय सम्मेलन (19–21 नवंबर) का उद्घाटन किया। इसका आयोजन तमिलनाडु नेचुरल फार्मिंग स्टेकहोल्डर्स फोरम ने किया था।
PM-KISAN की 21वीं किस्त में कितनी राशि जारी की गई?
PM मोदी ने ₹18,000 करोड़ की 21वीं किस्त सीधे किसानों के बैंक खातों में DBT के जरिए जारी की। PM-KISAN के तहत अब तक संचयी DBT ₹4 लाख करोड़ तक पहुँच गया है।
शिखर सम्मेलन में प्राकृतिक खेती को लेकर PM मोदी ने किस बात पर जोर दिया?
PM मोदी ने कहा कि प्राकृतिक खेती भारत की अपनी देशज पहल है — यह प्राचीन परंपराओं में निहित है। यह रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता घटाती है, लागत कम करती है और मिट्टी के सूक्ष्मजीवों का स्वास्थ्य बहाल करती है, जिससे खेती टिकाऊ और किसानों के लिए आर्थिक रूप से व्यवहार्य बनती है।
किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना ने इस वर्ष क्या उपलब्धि हासिल की?
किसान क्रेडिट कार्ड योजना ने इस वर्ष किसानों को ₹10 लाख करोड़ से अधिक की संस्थागत ऋण सहायता दी। इससे किसानों को खेती और संबद्ध गतिविधियों के लिए सस्ता ऋण मिलता है और उन्हें अनौपचारिक साहूकारों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता।
शिखर सम्मेलन के मुख्य क्षेत्र और पैमाना क्या था?
सम्मेलन में 300 प्रदर्शनी स्टॉल लगाए गए और युवा व महिला किसानों पर विशेष ध्यान दिया गया। इसमें देशज तकनीकों को प्रदर्शित किया गया और प्राकृतिक खेती को दक्षिण भारत में बड़े पैमाने पर फैलाने का लक्ष्य रखा गया।
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