9 नवंबर 2025 तक आईएनएस सह्याद्री — भारत का स्वदेश निर्मित गाइडेड मिसाइल स्टेल्थ फ्रिगेट — अभ्यास मालाबार 2025 में भाग लेने के लिए उत्तरी प्रशांत महासागर में गुआम पहुँचा। इस वार्षिक बहुपक्षीय नौसेना अभ्यास में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया (क्वाड देशों) की नौसेनाएँ भाग लेती हैं। मालाबार 2025 के बंदरगाह चरण में परिचालन योजना, संचार प्रोटोकॉल, परिचयात्मक यात्राएँ और खेल प्रतियोगिताएँ शामिल रहीं। समुद्री चरण (13-17 नवंबर) में पनडुब्बी-रोधी युद्ध (ASW), VBSS, गनरी फायरिंग, समुद्री पुनःपूर्ति और क्रॉस-डेक हेलीकॉप्टर ऑपरेशन आयोजित किए गए। आत्मनिर्भर भारत के तहत निर्मित INS सह्याद्री भारत की स्वदेशी जहाज निर्माण क्षमता का प्रमाण है। 1992 में भारत-अमेरिका के बीच द्विपक्षीय रूप से शुरू हुआ अभ्यास मालाबार अब क्वाड रक्षा सहयोग का आधारस्तंभ बन गया है।
INS सह्याद्री अभ्यास मालाबार 2025 में भाग लेने गुआम पहुँचा — क्वाड नौसैनिक सहयोग मजबूत हुआ
9 नवंबर 2025 तक आईएनएस सह्याद्री — भारत का स्वदेश निर्मित गाइडेड मिसाइल स्टेल्थ फ्रिगेट — अभ्यास मालाबार 2025 में भाग लेने के लिए उत्तरी प्रशांत महासागर में गुआम पहुँचा। भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया (क्वाड देशों) की नौसेनाएँ इस वार्षिक बहुपक्षीय नौसेना अभ्यास में भाग लेती हैं। मालाबार 2025 के बंदरगाह चरण में परिचालन योजना, संचार प्रोटोकॉल, परिचयात्मक दौरे और खेल प्रतियोगिताएँ शामिल रहीं। समुद्री चरण (13-17 नवंबर) में पनडुब्बी-रोधी युद्ध (ASW), VBSS, गनरी फायरिंग, समुद्री पुनःपूर्ति और क्रॉस-डेक हेलीकॉप्टर ऑपरेशन आयोजित किए गए। आत्मनिर्भर भारत के तहत निर्मित INS सह्याद्री भारत की स्वदेशी जहाज निर्माण क्षमता का प्रमाण है। 1992 में भारत-अमेरिका के बीच द्विपक्षीय रूप से शुरू हुआ अभ्यास मालाबार अब क्वाड रक्षा सहयोग का आधारस्तंभ बन गया है।
मुख्य तथ्य
- INS सह्याद्री 10 नवंबर 2025 को अभ्यास मालाबार 2025 के लिए क्वाड देशों की नौसेनाओं के साथ गुआम पहुंचा।
- मालाबार 2025 में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया (क्वाड देशों) की नौसेनाएं शामिल हैं।
- समुद्री चरण (13–17 नवंबर) में पनडुब्बी-रोधी युद्ध, VBSS, गनरी और हेलीकॉप्टर ऑपरेशन शामिल।
- INS सह्याद्री स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित गाइडेड मिसाइल स्टेल्थ फ्रिगेट है।
- अभ्यास मालाबार 1992 में भारत-अमेरिका के बीच शुरू हुआ, अब क्वाड रक्षा सहयोग का आधारस्तंभ।
- यह अभ्यास स्वतंत्र, मुक्त और नियम-आधारित इंडो-पैसिफिक समुद्री व्यवस्था को बढ़ावा देता है।
6-अक्ष वर्गीकरण
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स्रोत: PIB
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
INS सह्याद्री क्या है और उसने नवंबर 2025 में किस अभ्यास में भाग लिया?
INS सह्याद्री भारतीय नौसेना का स्वदेश में डिजाइन और निर्मित गाइडेड मिसाइल स्टेल्थ फ्रिगेट है। नवंबर 2025 में इसने उत्तरी प्रशांत महासागर में गुआम में आयोजित अभ्यास मालाबार 2025 में भाग लिया, जिसमें अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया की नौसेनाएं भी शामिल थीं।
अभ्यास मालाबार में कौन से देश भाग लेते हैं और यह कब शुरू हुआ?
अभ्यास मालाबार में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया — चारों क्वाड देशों की नौसेनाएं भाग लेती हैं। यह 1992 में भारत-अमेरिका द्विपक्षीय अभ्यास के रूप में शुरू हुआ और अब क्वाड बहुपक्षीय नौसेना अभ्यास बन चुका है।
अभ्यास मालाबार 2025 के समुद्री चरण में कौन सी गतिविधियां हुईं?
समुद्री चरण (13–17 नवंबर 2025) में पनडुब्बी-रोधी युद्ध (ASW), VBSS ऑपरेशन, गनरी फायरिंग, हेलीकॉप्टर क्रॉस-डेक ऑपरेशन और समुद्र में पुनःपूर्ति शामिल रहे।
इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अभ्यास मालाबार का रणनीतिक उद्देश्य क्या है?
अभ्यास मालाबार स्वतंत्र, मुक्त और नियम-आधारित इंडो-पैसिफिक समुद्री व्यवस्था को बढ़ावा देता है। यह क्वाड नौसेनाओं के बीच मिलकर काम करने की क्षमता बढ़ाता है और नौवहन की स्वतंत्रता के प्रति प्रतिबद्धता दर्शाता है।
भारत की रक्षा नीति के संदर्भ में INS सह्याद्री का स्वदेश निर्मित होना क्यों महत्वपूर्ण है?
INS सह्याद्री भारत की 'आत्मनिर्भर भारत' रक्षा पहल का परिणाम है। शिवालिक श्रेणी में स्वदेशी डिजाइन और निर्माण से भारत की उन्नत नौसैनिक जहाज-निर्माण क्षमता सिद्ध होती है और विदेशी प्लेटफार्मों पर निर्भरता कम होती है।
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