प्रकाशित: 6 फ़रवरी 2026PIBअर्थव्यवस्था
भारत ने केंद्रीय योजना के तहत 10,000 किसान उत्पादक संगठनों (FPO) का गठन पूरा किया; 21.96 लाख महिला किसान नामांकित
भारत सरकार ने 2020 में शुरू की गई केंद्रीय क्षेत्र योजना के तहत 10,000 किसान उत्पादक संगठनों (FPO) के गठन का लक्ष्य पूरा किया — 7 फरवरी 2026 के आसपास किसानों के संस्थागत संगठन की दिशा में यह एक प्रमुख मील का पत्थर रहा। इस योजना को तीन कार्यान्वयन एजेंसियों द्वारा संयुक्त रूप से लागू किया गया: NABARD, SFAC (लघु कृषक कृषि व्यवसाय संघ) और NCDC (राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम)।
गठित 10,000 FPO में 21.96 लाख महिला किसान नामांकित हैं, जो कृषि मूल्य श्रृंखलाओं में महिलाओं को मुख्यधारा में लाने के सचेत प्रयास को दर्शाता है। FPO छोटे और सीमांत किसानों के सामूहिक निकाय हैं, जो उपज को एकत्र करते हैं, बिचौलियों के सामने मोलभाव की शक्ति बढ़ाते हैं, इनपुट की थोक खरीद सस्ती दरों पर करते हैं और कृषि उपज की बाजार तक पहुंच आसान बनाते हैं।
योजना के तहत प्रति FPO 18 लाख रुपये तक इक्विटी अनुदान और संस्थागत ऋण तक पहुंच के लिए क्रेडिट गारंटी फंड प्रदान किया जाता है। राजस्थान में FPO, विशेष रूप से तिलहन, दलहन, जीरा, धनिया और बागवानी क्लस्टरों में सक्रिय रहे हैं।
0मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: 2020 की केंद्रीय क्षेत्र योजना के अंतर्गत भारत द्वारा 10,000 किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के गठन की लघु-सीमांत किसानों के लिए महत्ता पर चर्चा करें और राजस्थान पर निहितार्थ स्पष्ट करें।
उत्तर (50 शब्द):
भारत ने फरवरी 2026 तक 2020 की केंद्रीय क्षेत्र योजना के अंतर्गत 10,000 किसान उत्पादक संगठन गठित किए; नाबार्ड, एसएफएसी, एनसीडीसी ने 18 लाख रुपये के इक्विटी अनुदान के साथ इसे लागू किया। 21.96 लाख महिला किसानों का नामांकन हुआ। राजस्थान के एफपीओ तिलहन, दलहन, जीरा, धनिया एकत्रित कर लघु-सीमांत किसानों की सौदेबाजी शक्ति बढ़ाते हैं।
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जुड़ा प्रश्नआसान
केंद्रीय एफपीओ योजना के तहत कितने किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) का गठन किया गया है?
व्याख्या · सही उत्तर Cभारत ने केंद्रीय योजना के तहत 10,000 किसान उत्पादक संगठनों का गठन पूरा किया, जिसमें 21.96 लाख महिला किसानों को नामांकित किया गया।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
किसान उत्पादक संगठन (FPO) क्या होता है और इसकी कानूनी संरचना कैसी होती है?
FPO किसानों — खासकर छोटे और सीमांत किसानों — का एक सामूहिक संगठन है जो संसाधन जुटाने, लागत घटाने और बाजार तक पहुँच बेहतर बनाने के लिए बनाया जाता है। FPO उत्पादक कंपनी या सहकारी संस्था के रूप में स्थापित हो सकता है और किसान-सदस्यों को एक संगठित कानूनी ढाँचा देता है।
10,000 FPO योजना को लागू करने वाली तीन एजेंसियां कौन-सी हैं?
2020 में शुरू हुई 10,000 FPO केंद्रीय क्षेत्र योजना को तीन एजेंसियां लागू करती हैं: NABARD (राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक), SFAC (लघु कृषक कृषि व्यापार संघ) और NCDC (राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम)।
योजना के तहत प्रत्येक FPO को कितनी वित्तीय सहायता मिलती है?
केंद्रीय क्षेत्र योजना के तहत प्रत्येक FPO को 18 लाख रुपये तक की इक्विटी अनुदान सहायता मिलती है। यह अनुदान FPO की शेयर पूंजी को मजबूत करता है और उपज इकट्ठी करने, इनपुट खरीदने तथा प्रसंस्करण ढांचा बनाने के लिए आगे ऋण लेने में मदद करता है।
इस योजना में कितनी महिला किसान नामांकित हुई हैं और यह क्यों महत्वपूर्ण है?
इस योजना के तहत देशभर के FPO में 21.96 लाख महिला किसान नामांकित हैं। यह इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे महिला किसानों को औपचारिक बाजारों से जुड़ाव, वित्तीय सेवाओं तक पहुंच और पंजीकृत संगठनों में निर्णय लेने की शक्ति मिलती है।
राजस्थान के FPO किन कमोडिटी क्लस्टर में सबसे ज्यादा सक्रिय हैं?
राजस्थान के FPO मसाले, तिलहन और दलहन कमोडिटी क्लस्टर में सबसे ज्यादा सक्रिय हैं। ये राजस्थान के प्रमुख कृषि क्षेत्र हैं और FPO के स्तर पर उपज इकट्ठी होने से किसानों को बेहतर दाम मिलते हैं, बिचौलियों की लागत घटती है और संगठित बाजारों तक पहुंच बनती है।