UNCTAD की रिपोर्ट के अनुसार 2025 कैलेंडर वर्ष में भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) प्रवाह 73% बढ़कर 47 अरब डॉलर हो गया। यह वृद्धि मुख्य रूप से विनिर्माण, सेवाओं, डिजिटल अवसंरचना, IT और R&D में हुए निवेश से आई।

PLI योजनाओं, व्यापार सुगमता सुधारों और 'चाइना प्लस वन' रणनीति के कारण भारत विश्व के शीर्ष FDI गंतव्यों में उभरा। प्रमुख निवेशक देशों में USA, सिंगापुर, मॉरीशस, जापान और नीदरलैंड शामिल रहे। विनिर्माण क्षेत्र में 120% वार्षिक वृद्धि इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोबाइल निवेश से हुई।