केन्द्रीय श्रम मंत्री मनसुख माण्डविया ने 13 अक्टूबर 2025 को नई दिल्ली में EPFO के 238वें केन्द्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) की बैठक में विश्वास योजना शुरू की। यह योजना कर्मचारी भविष्य निधि एवं विविध प्रावधान अधिनियम, 1952 के अंतर्गत दंडात्मक हर्जाने को युक्तिसंगत बनाती है तथा EPFO एवं नियोक्ताओं के बीच मुकदमेबाजी कम करने के उद्देश्य से बनाई गई है। बकाया राशि चुकाने वाले नियोक्ताओं को काफी कम दंड शुल्क देना होगा, जिससे स्वैच्छिक अनुपालन को प्रोत्साहन मिलेगा। इस पहल से MSME पर अनुपालन बोझ घटने तथा EPFO की वसूली दर सुधरने की उम्मीद है।
श्रम मंत्रालय ने EPF विवादों को कम करने के लिए विश्वास योजना लॉन्च की
केन्द्रीय श्रम मंत्री मनसुख माण्डविया ने 13 अक्टूबर 2025 को नई दिल्ली में EPFO के 238वें केन्द्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) की बैठक में विश्वास योजना शुरू की। यह योजना कर्मचारी भविष्य निधि एवं विविध प्रावधान अधिनियम, 1952 के अंतर्गत दंडात्मक हर्जाने को तर्कसंगत बनाती है और EPFO तथा नियोक्ताओं के बीच मुकदमेबाजी कम करने के उद्देश्य से लाई गई है। बकाया राशि चुकाने वाले नियोक्ताओं को काफी कम दंड शुल्क देना होगा, जिससे स्वैच्छिक अनुपालन को प्रोत्साहन मिलेगा। इस पहल से MSME पर अनुपालन का बोझ घटने और EPFO की वसूली दर सुधरने की उम्मीद है।
मुख्य तथ्य
- श्रम मंत्री मनसुख माण्डविया ने 14 अक्टूबर 2025 को विश्वास योजना लॉन्च की।
- योजना EPF एवं विविध प्रावधान अधिनियम 1952 के तहत लगने वाले दंडात्मक हर्जाने को युक्तिसंगत बनाती है।
- बकाया EPFO देय राशि चुकाने वाले नियोक्ताओं को काफी कम दंड शुल्क देना होगा।
- यह पहल स्वैच्छिक अनुपालन को प्रोत्साहित करती है और EPFO-नियोक्ता मुकदमेबाजी घटाती है।
- अनुपालन का बोझ कम होने से MSME को सर्वाधिक लाभ होने की उम्मीद है।
- यह योजना EPFO के 238वें केंद्रीय न्यासी बोर्ड की बैठक में शुरू की गई।
6-अक्ष वर्गीकरण
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केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया की अध्यक्षता में EPFO विश्वास योजना किस बैठक में शुरू की गई?
विश्वास योजना EPF के केंद्रीय न्यासी बोर्ड की 238वीं बैठक में शुरू की गई, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने नई दिल्ली में की। इस योजना का उद्देश्य भविष्य निधि देय राशि के विलंबित भुगतान पर लगने वाले दंडात्मक हर्जाने को तर्कसंगत बनाकर मुकदमेबाजी कम करना है।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
श्रम मंत्रालय की विश्वास योजना क्या है और इसका उद्देश्य क्या है?
विश्वास योजना केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख माण्डविया ने 14 अक्टूबर 2025 को EPFO के 238वें CBT की बैठक में लॉन्च की। यह EPF एवं विविध प्रावधान अधिनियम, 1952 के तहत दंडात्मक हर्जाने को तर्कसंगत बनाती है, ताकि EPFO और नियोक्ताओं के बीच मुकदमेबाजी कम हो।
जिन नियोक्ताओं पर EPFO की देय राशि बकाया है, उन्हें विश्वास योजना से क्या फायदा है?
विश्वास योजना के तहत जो नियोक्ता EPFO की बकाया देय राशि चुका देते हैं, उन्हें दंड शुल्क काफी कम देना पड़ता है। यह वित्तीय प्रोत्साहन लंबी कानूनी लड़ाई की जगह स्वैच्छिक अनुपालन को बढ़ावा देता है।
विश्वास योजना से किस वर्ग के व्यवसायों को सबसे ज्यादा फायदा होने की उम्मीद है?
MSME (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) को विश्वास योजना से सबसे अधिक लाभ होने की उम्मीद है। इन छोटे उद्यमों को अक्सर नकदी प्रवाह की समस्या होती है और पुराने भारी दंड शुल्क उनके लिए अतिरिक्त बोझ बन जाते थे।
EPFO का केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) क्या है और इसकी 238वीं बैठक किस लिए थी?
केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) EPFO का सर्वोच्च निर्णय लेने वाला निकाय है। 14 अक्टूबर 2025 को नई दिल्ली में हुई इसकी 238वीं बैठक में ही विश्वास योजना को औपचारिक रूप से शुरू किया गया।
विश्वास योजना जिन दंडात्मक हर्जानों को युक्तिसंगत बनाती है, उनका कानूनी आधार क्या है?
EPFO के दंडात्मक हर्जाने कर्मचारी भविष्य निधि एवं विविध प्रावधान अधिनियम, 1952 के तहत लगाए जाते हैं। विश्वास योजना इन्हें अनुपातिक बनाती है और दंड का बोझ कम करती है, जिससे नियोक्ता स्वेच्छा से बकाया राशि नियमित कर सकें।
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