CAIT के 21 अक्टूबर को जारी आंकड़ों के अनुसार दिवाली 2025 की खुदरा बिक्री ₹6.05 लाख करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची, जिसमें ₹5.40 लाख करोड़ वस्तुओं और ₹65,000 करोड़ सेवाओं से आए। 2024 के ₹4.25 लाख करोड़ की तुलना में 25% की वार्षिक वृद्धि हुई।

लगभग 87% खरीदारों ने भारतीय निर्मित वस्तुओं को चुना, जबकि चीनी उत्पादों की बिक्री शहरों में गिरी। लॉजिस्टिक्स, पैकेजिंग, परिवहन और खुदरा में लगभग 50 लाख अस्थायी नौकरियां सृजित हुईं। ग्रामीण और अर्ध-शहरी भारत ने कुल बिक्री में 28% योगदान दिया।