अंतरिक्ष विभाग ने 2025 की वार्षिक समीक्षा जारी की, जिसमें भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की दशक की सबसे महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष उपलब्धियाँ सूचीबद्ध हैं।
SPADEX (स्पेस डॉकिंग एक्सपेरिमेंट) मिशन ने 2025 में भारत की पहली अंतरिक्ष डॉकिंग सफलता हासिल की, जिससे भारत अमेरिका, रूस और चीन के बाद कक्षीय डॉकिंग तकनीक हासिल करने वाला विश्व का चौथा देश बन गया। यह क्षमता भविष्य के मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशनों के लिए आधारभूत है।
ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला, जिन्हें Axiom-4 मिशन के लिए चुना गया, Axiom Space के वाणिज्यिक कार्यक्रम के तहत 18 दिन अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर रहे, जिससे गगनयान मिशन से पहले भारत की मानव अंतरिक्ष उड़ान साख मजबूत हुई।
लॉन्च वाहन प्रदर्शन में LVM3-M6 मिशन ने 6,100 किग्रा का सबसे भारी पेलोड कक्षा में स्थापित करने का रिकॉर्ड बनाया, जो भारत के सबसे शक्तिशाली परिचालन रॉकेट की बढ़ी हुई क्षमता दर्शाता है।
ISRO ने अर्ध-क्रायोजेनिक इंजन का हॉट टेस्ट भी सफलतापूर्वक किया, जो अगली पीढ़ी के लॉन्च वाहनों के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
ये सभी उपलब्धियाँ स्पेस विज़न 2047 के अंतर्गत आती हैं, जो स्वतंत्रता की शताब्दी तक भारत को अग्रणी अंतरिक्ष शक्ति बनाने का रोडमैप निर्धारित करता है।
