PM-SETU (प्रधानमंत्री कौशल और रोजगार परिवर्तन से उन्नत ITI) 4 अक्टूबर 2025 को शुरू की गई योजना है, जिसका उद्देश्य 1,000 सरकारी ITI को आधुनिक संस्थानों में बदलना है। इसका कुल अनुमानित परिव्यय ₹60,000 करोड़ है, जो पाँच वर्षों की अवधि के लिए है।

योजना में हब-एंड-स्पोक मॉडल अपनाया गया है: उन्नत सुविधाओं वाले 200 हब ITI और व्यापक पहुंच के लिए 800 स्पोक ITI। प्रत्येक क्लस्टर का प्रबंधन SPV करेगी — एंकर उद्योग साझेदारों की 51% और सरकार की 49% हिस्सेदारी होगी। उद्योग भागीदारों को 83% तक सरकारी सह-वित्तपोषण मिलेगा। कौशल विकास मंत्रालय (MSDE) नोडल मंत्रालय है। 5 वर्षों में 20 लाख युवाओं को लाभ मिलने की उम्मीद है।