कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपनी EPFO 3.0 डिजिटल बदलाव पहल के तहत विश्वास योजना शुरू की। अक्टूबर 2025 में घोषित इस योजना ने कर्मचारी भविष्य निधि और विविध प्रावधान अधिनियम, 1952 के तहत लगभग 99% उल्लंघनों को अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया।

पुरानी EPF प्रणाली में नियोक्ताओं को EPF & MP अधिनियम की धारा 14 और 14AA के तहत आपराधिक मुकदमों का सामना करना पड़ता था। इससे श्रम न्यायालयों में मुकदमों का बोझ बहुत बढ़ता था और रोजगार को औपचारिक दायरे में लाने की प्रक्रिया भी हतोत्साहित होती थी।

विश्वास योजना के तीन प्रमुख सुधार हैं:

1. अपराध-मुक्तिकरण: EPF योगदान में देरी पर लगने वाले दंडात्मक हर्जाने को तर्कसंगत बनाया गया। छोटे उल्लंघनों में आपराधिक मुकदमे की जगह समझौता-योग्य अपराधों या प्रशासनिक दंड का प्रावधान किया गया।

2. माफी अवधि: नियोक्ता मुकदमे का सामना किए बिना स्वेच्छा से पिछली चूक का खुलासा और निपटारा कर सकते हैं।

3. दंडात्मक हर्जाने की सीमा: दंडात्मक हर्जाना अब मूल बकाया के एक उचित प्रतिशत तक सीमित है।

EPFO 3.0 एक व्यापक डिजिटल सुधार कार्यक्रम है। इसमें केंद्रीकृत IT प्रणालियों पर जाना, सदस्य-केंद्रित सेवाएँ देना और UAN से PF खातों की पोर्टेबिलिटी शामिल है।

राजस्थान के संदर्भ में: रत्न-आभूषण (जयपुर), वस्त्र (भीलवाड़ा, जोधपुर), खनन (अलवर, भीलवाड़ा) और हस्तशिल्प में राजस्थान का बड़ा अनौपचारिक क्षेत्र है। विश्वास योजना की माफी अवधि से राजस्थान के हजारों MSMEs के औपचारिक सामाजिक सुरक्षा कवरेज में आने की उम्मीद है।