भारत के त्रि-सेवा भविष्य युद्ध पाठ्यक्रम का तीसरा संस्करण 2 फरवरी 2026 को नई दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर में शुरू हुआ और 25 फरवरी 2026 तक चलेगा। यह पाठ्यक्रम एकीकृत रक्षा स्टाफ मुख्यालय (HQ IDS) के तत्वावधान में संयुक्त युद्ध अध्ययन केंद्र (CENJOWS) के सहयोग से आयोजित किया जाता है।

इस पाठ्यक्रम में सेना, नौसेना और वायुसेना के 39 अधिकारियों के साथ-साथ स्टार्टअप, MSMEs, DPSUs और निजी क्षेत्र की रक्षा कंपनियों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। पाठ्यक्रम में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, अंतरिक्ष-आधारित क्षमताएं, काउंटर-ड्रोन प्रणाली (C-UAS), साइबर युद्ध और संयुक्त संचालन सिद्धांत जैसे विषय शामिल हैं।

दूसरे चरण (15–17 फरवरी 2026) में प्रतिभागियों ने हैदराबाद में अंतरिक्ष तकनीक और C-UAS कंपनियों का दौरा किया। यह पाठ्यक्रम 2019 में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) के गठन के बाद से चली आ रही 'संयुक्तता और एकीकरण' नीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य थिएटर कमांड संरचना और बहु-क्षेत्रीय युद्ध की तैयारी को मजबूत करना है।

राजस्थान संदर्भ: जयपुर स्थित दक्षिण-पश्चिम कमान सहित राजस्थान के सैन्य प्रतिष्ठानों के अधिकारी भी इस पाठ्यक्रम में भाग लेते हैं, जिससे मरुभूमि थिएटर की युद्धक क्षमता मजबूत होती है।