NITI आयोग ने अपनी ट्रेड वॉच रिपोर्ट का 5वां संस्करण जारी किया, जिसमें भारत के ऑटोमोबाइल पुर्जों के निर्यात में पिछले एक दशक की उल्लेखनीय वृद्धि बताई गई। रिपोर्ट के अनुसार ऑटो-पुर्जों का निर्यात 2015 में 8.2 अरब डॉलर से दोगुना होकर 2024 में 16.9 अरब डॉलर हो गया है, जो दस वर्ष की अवधि में 7% की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) के बराबर है। यह वृद्धि ऑटोमोटिव पुर्जों के वैश्विक आपूर्तिकर्ता के रूप में भारत की मजबूत होती स्थिति को दिखाती है।

भारत का ऑटोमोबाइल क्षेत्र मात्रा के हिसाब से विश्व में चौथा सबसे बड़ा है। घरेलू OEM और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों, दोनों को आपूर्ति करने वाला ऑटो-पुर्जा उद्योग भारत के माल निर्यात में महत्वपूर्ण योगदान देने लगा है। ट्रेड वॉच के 5वें संस्करण में इंजन और ट्रांसमिशन पुर्जों, इलेक्ट्रिकल पुर्जों, सस्पेंशन और ब्रेकिंग सिस्टम तथा बॉडी और चेसिस पुर्जों जैसे प्रमुख उत्पाद खंडों में निर्यात प्रदर्शन का विश्लेषण किया गया है।

रिपोर्ट 2030 तक ऑटो निर्यात में 100 अरब डॉलर हासिल करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखती है। इसके पीछे वैश्विक ऑटोमोटिव आपूर्ति श्रृंखला में भारत की रणनीतिक स्थिति है, खासकर तब जब मूल उपकरण निर्माता (OEM) चीन पर निर्भरता घटाकर अन्य विकल्पों की ओर बढ़ रहे हैं। भारत के प्रतिस्पर्धी लाभों में कम श्रम लागत, बड़ा घरेलू बाजार, बढ़ती इंजीनियरिंग क्षमता और ऑटोमोटिव पुर्जों के लिए उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (PLI) योजना जैसी सरकारी पहलें शामिल हैं।

ऑटो और ऑटो पुर्जों के लिए PLI योजना ने इलेक्ट्रिक वाहन (EV) पुर्जों, एडवांस्ड केमिस्ट्री सेल और हाइड्रोजन फ्यूल सेल पुर्जों सहित उन्नत ऑटोमोटिव तकनीक में निवेश को प्रोत्साहित किया है। भारत वैश्विक बाजारों को EV पुर्जों की आपूर्ति करने की क्षमता तेजी से बना रहा है और ऑटोमोटिव विकास के अगले चरण के लिए खुद को तैयार कर रहा है। NITI आयोग की ट्रेड वॉच रणनीतिक क्षेत्रों में भारत के निर्यात प्रदर्शन पर नजर रखने और उसे दिशा देने वाला एक तिमाही नीतिगत साधन है।