19–20 नवंबर 2025 को केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने भारत की पहली स्वदेशी CRISPR-आधारित जीन थेरेपी 'BIRSA 101' लॉन्च की, जिसे CSIR–इंस्टीट्यूट ऑफ जीनोमिक्स एंड इंटीग्रेटिव बायोलॉजी (CSIR-IGIB), नई दिल्ली ने विकसित किया है। यह थेरेपी भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर उनके सम्मान में नामित है। CSIR-IGIB और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (SIIPL) के बीच enFnCas9 CRISPR प्लेटफ़ॉर्म से सिकल सेल रोग (SCD) के उपचार के लिए प्रौद्योगिकी हस्तांतरण समझौता हुआ। BIRSA 101 सटीक CRISPR 'आनुवंशिक सर्जरी' का उपयोग करके रोगी की स्टेम कोशिकाओं में दोषपूर्ण हीमोग्लोबिन जीन को संपादित करता है और ठीक की गई कोशिकाओं को वापस इंजेक्ट करता है — एक बार और जीवन भर के इलाज की संभावना के साथ। विदेश में ऐसी थेरेपी ₹20–25 करोड़ में मिलती है, जबकि BIRSA 101 भारत की जनजातीय आबादी के लिए सस्ती है। यह PM मोदी के 2047 तक सिकल सेल मुक्त भारत के लक्ष्य के अनुरूप है। राजस्थान के डूंगरपुर, बांसवाड़ा और प्रतापगढ़ में भील, मीणा और गरासिया समुदायों में भी SCD प्रसार दर्ज है।
BIRSA 101: CSIR-IGIB ने सिकल सेल रोग के लिए भारत की पहली स्वदेशी CRISPR जीन थेरेपी शुरू की
19–20 नवंबर 2025 को केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने भारत की पहली स्वदेशी CRISPR-आधारित जीन थेरेपी 'BIRSA 101' लॉन्च की, जिसे CSIR–इंस्टीट्यूट ऑफ जीनोमिक्स एंड इंटीग्रेटिव बायोलॉजी (CSIR-IGIB), नई दिल्ली ने विकसित किया है। यह थेरेपी भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर उनके सम्मान में नामित है। CSIR-IGIB और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (SIIPL) के बीच enFnCas9 CRISPR प्लेटफ़ॉर्म से सिकल सेल रोग (SCD) के उपचार के लिए प्रौद्योगिकी हस्तांतरण समझौता हुआ। BIRSA 101 सटीक CRISPR 'आनुवंशिक सर्जरी' का उपयोग करके रोगी की स्टेम कोशिकाओं में दोषपूर्ण हीमोग्लोबिन जीन को संपादित करता है और ठीक की गई कोशिकाओं को वापस शरीर में डालता है — यानी एक बार में जीवनभर के इलाज की संभावना। विदेश में इसी तरह की थेरेपी ₹20–25 करोड़ में मिलती है, जबकि BIRSA 101 भारत की जनजातीय आबादी के लिए सस्ती है। यह PM मोदी के 2047 तक सिकल सेल मुक्त भारत के लक्ष्य के अनुरूप है। राजस्थान के डूंगरपुर, बांसवाड़ा और प्रतापगढ़ में भील, मीणा और गरासिया समुदायों में भी SCD प्रसार दर्ज है।
मुख्य तथ्य
- BIRSA 101 सिकल सेल रोग के लिए भारत की पहली स्वदेशी CRISPR जीन थेरेपी है।
- CSIR-IGIB द्वारा विकसित यह थेरेपी दोषपूर्ण हीमोग्लोबिन जीन के संपादन के लिए enFnCas9 CRISPR प्लेटफॉर्म का उपयोग करती है।
- निर्माण के लिए सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के साथ प्रौद्योगिकी हस्तांतरण समझौता हुआ।
- विदेश में इसी थेरेपी की लागत ₹20–25 करोड़ है; BIRSA 101 जनजातीय आबादी के लिए सस्ती होगी।
- जनजातीय विरासत के सम्मान में बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर इसका नाम रखा गया।
- राजस्थान के डूंगरपुर-बांसवाड़ा में भील, मीणा और गरासिया समुदायों में SCD का प्रसार दर्ज किया गया है।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: भारत की पहली स्वदेशी सीआरआईएसपीआर जीन थेरेपी बीआईआरएसए 101 एवं जनजातीय जनसंख्या के लिए उसकी प्रासंगिकता की चर्चा कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
19-20 नवंबर 2025 को केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बीआईआरएसए 101 शुरू की; CSIR-आईजीआईबी की स्वदेशी ईएनएफएनकैस9 सीआरआईएसपीआर सिकल सेल थेरेपी सीरम इंस्टीट्यूट को हस्तांतरित की गई। बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर नामित यह थेरेपी विदेश की 20-25 करोड़ थेरेपियों की तुलना में सस्ती है तथा 2047 तक सिकल-सेल-मुक्त भारत की दृष्टि के अनुरूप है।
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किन वैज्ञानिकों ने क्रिस्पर जीन-संपादन तकनीक विकसित की और बाद में नोबेल पुरस्कार जीता?
एम्मानुएल शार्पेंटियर और जेनिफर डूडना ने CRISPR-Cas9 जीन एडिटिंग तकनीक के लिए 2020 में रसायन विज्ञान का नोबेल पुरस्कार जीता।
स्रोत: PIB
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
BIRSA 101 क्या है और इसे किसने बनाया?
BIRSA 101 सिकल सेल रोग के लिए भारत की पहली स्वदेशी CRISPR-आधारित जीन थेरेपी है। इसे CSIR–इंस्टीट्यूट ऑफ जीनोमिक्स एंड इंटीग्रेटिव बायोलॉजी (CSIR-IGIB), नई दिल्ली ने विकसित किया। यह थेरेपी दोषपूर्ण हीमोग्लोबिन जीन को संपादित करने के लिए enFnCas9 CRISPR प्लेटफॉर्म का उपयोग करती है।
इस थेरेपी का नाम 'BIRSA 101' क्यों रखा गया?
इस थेरेपी का नाम भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर उनके सम्मान में रखा गया है। बिरसा मुंडा एक प्रसिद्ध जनजातीय नेता और स्वतंत्रता सेनानी थे, और यह नाम जनजातीय विरासत को सम्मान देने का प्रतीक है।
BIRSA 101 के लिए तकनीक हस्तांतरण समझौता किसके साथ हुआ और इसका क्या महत्व है?
CSIR-IGIB और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (SIIPL) के बीच BIRSA 101 के निर्माण के लिए तकनीक हस्तांतरण समझौता हुआ। विदेशों में इस तरह की थेरेपी की लागत ₹20–25 करोड़ है, जबकि BIRSA 101 का लक्ष्य इसे जनजातीय आबादी के लिए सस्ता बनाना है।
राजस्थान के किन समुदायों में सिकल सेल रोग अधिक पाया जाता है?
राजस्थान के डूंगरपुर-बांसवाड़ा क्षेत्र में भील, मीणा और गरासिया जनजातीय समुदायों में सिकल सेल रोग का प्रसार दर्ज है। RAS परीक्षा की दृष्टि से यह तथ्य महत्वपूर्ण है क्योंकि यह राजस्थान के आदिवासी क्षेत्र से सीधे जुड़ा है।
BIRSA 101 किसने और कब लॉन्च किया?
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने 19–20 नवंबर 2025 को BIRSA 101 लॉन्च किया। यह लॉन्च भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर हुआ और इसी दौरान CSIR-IGIB तथा सीरम इंस्टीट्यूट के बीच तकनीक हस्तांतरण समझौते पर हस्ताक्षर हुए।
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