प्रकाशित: 2 फ़रवरी 2026समाचार स्रोतटॉपिक
केंद्रीय बजट 2026-27 में रक्षा बजट ₹7.85 लाख करोड़ के ऐतिहासिक उच्चतम स्तर पर; रक्षा आवंटन केंद्रीय सरकारी व्यय का 14.67% रहा
1 फरवरी 2026 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लगातार नौवां बजट पेश किया, जो एक रिकॉर्ड है। केंद्रीय बजट 2026-27 में रक्षा मंत्रालय के लिए ₹7.85 लाख करोड़ ($87 अरब) का अब तक का सर्वाधिक आवंटन किया गया — यह वित्त वर्ष 2025-26 के बजट अनुमानों की तुलना में 15% अधिक है। लंदन स्थित अंतर्राष्ट्रीय सामरिक अध्ययन संस्थान (IISS) के अनुसार, इससे भारत विश्व का चौथा सबसे बड़ा सैन्य खर्चकर्ता बन गया — अमेरिका, चीन और रूस के बाद।
रक्षा आवंटन की मुख्य बातें: ₹1.39 लाख करोड़ घरेलू रक्षा खरीद के लिए निर्धारित किए गए; पूंजी अधिग्रहण बजट का लगभग 75% भारतीय उद्योग से खरीद के लिए आरक्षित है — यह 'आत्मनिर्भर भारत' की दिशा में बड़ा कदम है। फ्रांस से 114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद के ₹3.25 लाख करोड़ के प्रस्ताव पर विचार जारी है, जो भारत की अब तक की सबसे बड़ी रक्षा खरीद होगी।
राजस्थान संदर्भ: राजस्थान में पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज (परमाणु परीक्षण स्थल), जोधपुर वायुसेना स्टेशन और BSF अकादमी जैसे महत्वपूर्ण रक्षा प्रतिष्ठान हैं, जिन्हें बढ़े हुए पूंजीगत व्यय से लाभ मिलेगा। घरेलू खरीद लक्ष्यों के तहत राजस्थान के रक्षा कॉरिडोर को भी अतिरिक्त निवेश मिल सकता है।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: केंद्रीय बजट 2026-27 के रक्षा आवंटनों का विश्लेषण कीजिए तथा आत्मनिर्भर भारत एवं वैश्विक सैन्य व्ययकर्ताओं में भारत की स्थिति पर उनके निहितार्थों की चर्चा कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा 1 फरवरी 2026 को प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026-27 में रक्षा के लिए रिकॉर्ड 7.85 लाख करोड़ रुपये (लगभग 87 अरब डॉलर) आवंटित किए गए, जो 15% वृद्धि और केंद्रीय सरकारी व्यय का 14.67 प्रतिशत है। पूंजीगत अधिग्रहण का लगभग 75% स्वदेशी उद्योग के लिए आरक्षित है, जिससे आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा और राजस्थान के रक्षा प्रतिष्ठानों को लाभ मिलेगा।
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जुड़ा प्रश्नआसान
केंद्रीय बजट 2026-27 में भारत का रक्षा बजट आवंटन कितना है?
व्याख्या · सही उत्तर Bकेंद्रीय बजट 2026-27 में भारत का रक्षा बजट 7.85 लाख करोड़ रुपये के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
केंद्रीय बजट 2026-27 में भारत का रक्षा बजट आवंटन क्या था और वैश्विक स्तर पर इसका क्या महत्व है?
केंद्रीय बजट 2026-27 में रक्षा के लिए रिकॉर्ड ₹7.85 लाख करोड़ आवंटित किए गए, जो पिछले वर्ष की तुलना में 15% की वृद्धि है। इस आवंटन के बाद भारत विश्व का चौथा सबसे बड़ा सैन्य खर्च करने वाला देश बन गया, जो देश की बढ़ती रणनीतिक महत्वाकांक्षाओं और सैन्य आधुनिकीकरण की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
2026-27 में रक्षा आवंटन कुल केंद्रीय बजट व्यय का कितना प्रतिशत है?
₹7.85 लाख करोड़ का रक्षा आवंटन 2026-27 के कुल केंद्रीय बजट व्यय का 14.67% है। यह महत्वपूर्ण हिस्सेदारी रक्षा को राष्ट्रीय प्राथमिकता के रूप में रेखांकित करती है, जो सरकारी व्यय मदों में ब्याज भुगतान के बाद दूसरे स्थान पर है।
रक्षा बजट 2026-27 में घरेलू खरीद के लिए 75% अनिवार्य प्रावधान का क्या महत्व है?
आत्मनिर्भर भारत पहल के तहत रक्षा बजट 2026-27 में पूंजी अधिग्रहण निधि का 75% घरेलू उद्योग से खरीद के लिए आरक्षित किया गया है। यह नीति भारत के स्वदेशी रक्षा विनिर्माण पारितंत्र को बढ़ावा देने, आयात निर्भरता कम करने और रक्षा PSU तथा निजी क्षेत्र की कंपनियों के विकास में मदद करने के लिए बनाई गई है।
रक्षा बजट में वृद्धि से राजस्थान के रक्षा प्रतिष्ठानों को कैसे लाभ मिलता है?
राजस्थान में पोखरण परीक्षण रेंज (जहाँ भारत के परमाणु परीक्षण हुए), महाजन फील्ड फायरिंग रेंज और जोधपुर, बीकानेर व जैसलमेर में वायु सेना के ठिकाने जैसे कई रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण रक्षा प्रतिष्ठान हैं। बढ़े हुए रक्षा खर्च से इन सुविधाओं के उन्नयन, नए उपकरणों की खरीद और भारत-पाकिस्तान सीमा पर सीमा अवसंरचना के विस्तार में मदद मिलती है।
2026-27 के बजट संदर्भ में वैश्विक सैन्य खर्च में भारत से ऊपर कौन से देश हैं?
2026-27 बजट के बाद भारत विश्व का चौथा सबसे बड़ा सैन्य खर्चकर्ता माना गया है। रक्षा व्यय में भारत से ऊपर तीन देश हैं: संयुक्त राज्य अमेरिका, चीन और रूस। यह रैंकिंग भारत की बढ़ती रक्षा प्राथमिकताओं को दर्शाती है, क्योंकि भारत अपनी सशस्त्र सेनाओं का आधुनिकीकरण कर रहा है और सीमा सुरक्षा मजबूत कर रहा है।