1 फरवरी 2026 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लगातार नौवां बजट पेश किया, जो एक रिकॉर्ड है। केंद्रीय बजट 2026-27 में रक्षा मंत्रालय के लिए ₹7.85 लाख करोड़ ($87 अरब) का अब तक का सर्वाधिक आवंटन किया गया — यह वित्त वर्ष 2025-26 के बजट अनुमानों की तुलना में 15% अधिक है। लंदन स्थित अंतर्राष्ट्रीय सामरिक अध्ययन संस्थान (IISS) के अनुसार, इससे भारत विश्व का चौथा सबसे बड़ा सैन्य खर्चकर्ता बन गया — अमेरिका, चीन और रूस के बाद।

रक्षा आवंटन की मुख्य बातें: ₹1.39 लाख करोड़ घरेलू रक्षा खरीद के लिए निर्धारित किए गए; पूंजी अधिग्रहण बजट का लगभग 75% भारतीय उद्योग से खरीद के लिए आरक्षित है — यह 'आत्मनिर्भर भारत' की दिशा में बड़ा कदम है। फ्रांस से 114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद के ₹3.25 लाख करोड़ के प्रस्ताव पर विचार जारी है, जो भारत की अब तक की सबसे बड़ी रक्षा खरीद होगी।

राजस्थान संदर्भ: राजस्थान में पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज (परमाणु परीक्षण स्थल), जोधपुर वायुसेना स्टेशन और BSF अकादमी जैसे महत्वपूर्ण रक्षा प्रतिष्ठान हैं, जिन्हें बढ़े हुए पूंजीगत व्यय से लाभ मिलेगा। घरेलू खरीद लक्ष्यों के तहत राजस्थान के रक्षा कॉरिडोर को भी अतिरिक्त निवेश मिल सकता है।