अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने दिसंबर 2025 में भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) को विश्व की सबसे बड़ी रियल-टाइम भुगतान प्रणाली के रूप में औपचारिक मान्यता दी। इस मान्यता में कहा गया कि UPI प्रति माह 16 अरब से अधिक लेनदेन संभालता है, जो वैश्विक स्तर पर सभी तुलनीय रियल-टाइम भुगतान प्रणालियों से काफी आगे है। नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) द्वारा विकसित और 2016 में लॉन्च किया गया UPI मोबाइल फोन, QR कोड और वर्चुअल पेमेंट एड्रेस का उपयोग करके तत्काल बैंक-से-बैंक हस्तांतरण की सुविधा देता है और भारत के डिजिटल भुगतान परिदृश्य को बदल चुका है। IMF रिपोर्ट ने UPI की संरचना को उन देशों के लिए एक मॉडल बताया जो समावेशी, अंतर-संचालनीय और कम लागत वाली भुगतान अवसंरचना बनाना चाहते हैं। भारत की G20 अध्यक्षता के दौरान UPI को सीमा-पार भुगतान और वित्तीय समावेश पर चर्चाओं में ग्लोबल साउथ के लिए अपनाए जा सकने वाले मॉडल के रूप में प्रमुखता से शामिल किया गया था। सिंगापुर, UAE, फ्रांस, भूटान, नेपाल, श्रीलंका, मॉरीशस और कतर सहित कई देशों ने पहले से ही सीमा-पार लेनदेन के लिए UPI को एकीकृत किया है।
IMF ने UPI को विश्व की सबसे बड़ी रियल-टाइम भुगतान प्रणाली माना; जून 2025 में आईएमएफ मान्यता और दिसंबर 2025 में 2,163 करोड़ लेनदेन
अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने दिसंबर 2025 में भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) को 16 अरब से अधिक मासिक लेनदेन के साथ विश्व की सबसे बड़ी रियल-टाइम भुगतान प्रणाली के रूप में औपचारिक रूप से मान्यता दी।
मुख्य तथ्य
- IMF ने दिसंबर 2025 में UPI को विश्व की सबसे बड़ी रियल-टाइम भुगतान प्रणाली के रूप में औपचारिक रूप से मान्यता दी।
- UPI पर हर महीने 16 अरब से अधिक लेनदेन होते हैं, जो सभी तुलनीय वैश्विक प्रणालियों से अधिक है।
- UPI को NPCI ने विकसित किया और 2016 में लॉन्च किया। यह मोबाइल से तुरंत बैंक-से-बैंक हस्तांतरण की सुविधा देता है।
- सिंगापुर, UAE, फ्रांस, भूटान, नेपाल और कतर सहित कई देशों ने सीमा-पार भुगतान के लिए UPI को अपने भुगतान तंत्र से जोड़ा है।
- IMF की मान्यता UPI को वैश्विक भुगतान मानक बनाने की भारत की कोशिश को मजबूत करती है।
6-अक्ष वर्गीकरण
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स्रोत: IMF/PIB
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
IMF ने दिसंबर 2025 में UPI के बारे में क्या मान्यता दी?
IMF ने UPI को विश्व की सबसे बड़ी रियल-टाइम भुगतान प्रणाली के रूप में औपचारिक मान्यता दी, जिसके ज़रिए प्रति माह 16 अरब से अधिक लेनदेन निपटाए जाते हैं।
UPI किसने विकसित किया और इसे कब लॉन्च किया गया?
UPI को नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने विकसित किया और 2016 में लॉन्च किया गया।
किन देशों ने सीमा-पार भुगतान के लिए UPI को एकीकृत किया है?
सिंगापुर, UAE, फ्रांस, भूटान, नेपाल, श्रीलंका, मॉरीशस और मलेशिया ने सीमा-पार लेनदेन के लिए UPI को एकीकृत किया है।
भारत की G20 अध्यक्षता में UPI को कैसे प्रमुखता दी गई?
2023 में भारत की G20 अध्यक्षता के दौरान UPI को सीमा-पार भुगतान और वित्तीय समावेश के लिए ग्लोबल साउथ के सामने ऐसे मॉडल के रूप में रखा गया, जिसे दूसरे देश भी अपना सकते हैं।
UPI के ढांचे को महत्वपूर्ण क्यों माना जाता है?
UPI अंतर-संचालनीय, कम लागत वाला और मोबाइल से सुलभ है। यह QR कोड और वर्चुअल पेमेंट एड्रेस के जरिए बैंक से बैंक में तत्काल हस्तांतरण संभव बनाता है।
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