दिसंबर 2025 में एक मीडिया स्टिंग ऑपरेशन से राजस्थान की MLA स्थानीय क्षेत्र विकास (MLA-LAD) निधि योजना में कथित भ्रष्टाचार सामने आया, जिसमें विभिन्न दलों के निर्वाचित विधायकों पर विकास कार्यों की अनुशंसा के लिए कमीशन माँगने का आरोप लगा। तीन आरोपित विधायक हैं — भाजपा के रेवंत राम डांगा (खींवसर निर्वाचन क्षेत्र, नागौर), कांग्रेस की अनीता जाटव और निर्दलीय MLA रितु बानावत। स्टिंग फुटेज के अनुसार भाजपा MLA डांगा ने कथित रूप से 50 लाख रुपये के विकास अनुबंध के लिए 40% कमीशन माँगा, जबकि कांग्रेस MLA जाटव ने कथित रूप से कार्य अनुशंसा के लिए 50,000 रुपये टोकन राशि के रूप में स्वीकार किए। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने 'जीरो टॉलरेंस' रुख अपनाते हुए राज्य मुख्य सतर्कता आयुक्त की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय जाँच समिति गठित की। तीनों आरोपित विधायकों के निर्वाचन क्षेत्रों के LAD खाते फ्रीज किए गए। विधानसभा अध्यक्ष ने मामला राजस्थान विधानसभा की नैतिकता समिति को भेजा, जिसने 19 दिसंबर 2025 को तीनों विधायकों को तलब किया। सुनवाई में कोई भी MLA अपने पक्ष में साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर पाया। MLA-LAD योजना प्रत्येक निर्वाचित सदस्य को अपने निर्वाचन क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए वार्षिक निधि (राजस्थान में प्रति MLA 5 करोड़ रुपये) प्रदान करती है; इसके दुरुपयोग के आरोप समय-समय पर उठते रहे हैं।