बीस सितंबर 2025 को 'मेक इन इंडिया' के एक दशक पूरे होने के अवसर पर केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने नई दिल्ली में भारत में लॉजिस्टिक्स लागत आकलन रिपोर्ट जारी की। पहली बार भारत के पास लॉजिस्टिक्स लागतों का व्यापक और वैज्ञानिक आधार पर तैयार अनुमान होगा, जिसमें द्वितीयक आंकड़ों को देशव्यापी सर्वेक्षणों के साथ जोड़कर मिश्रित पद्धति अपनाई गई है। यह पहल राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति 2022 में दिए गए उस निर्देश के अनुरूप है, जिसमें लॉजिस्टिक्स लागतों को मापने और वैश्विक परिपाटियों से उनकी तुलना करने के लिए एक समान ढांचा बनाने की बात कही गई थी। अब तक भारत में लॉजिस्टिक्स लागतों को अक्सर गलत ढंग से प्रस्तुत किया जाता रहा है, जहाँ सकल घरेलू उत्पाद की 13 से 14 प्रतिशत के आमतौर पर उद्धृत आंकड़े बाहरी अध्ययनों या अधूरे आंकड़ों से निकाले गए थे, जिससे असंगत अनुमान सामने आए और नीति निर्माताओं व वैश्विक हितधारकों के बीच भ्रम पैदा हुआ। डीपीIIT के लिए राष्ट्रीय अनुप्रयुक्त आर्थिक अनुसंधान परिषद (एनसीएईआर) द्वारा तैयार किए गए वर्तमान आकलन के अनुसार भारत में लॉजिस्टिक्स लागतें कुल सकल घरेलू उत्पाद की लगभग 7.97 प्रतिशत होने का अनुमान है। यह रिपोर्ट विभिन्न परिवहन साधनों, उत्पाद श्रेणियों और कंपनी के आकारों के आधार पर लॉजिस्टिक्स लागतों को दर्ज करके एक व्यापक ढांचा देती है, माल ढुलाई लागत प्रति टन-किलोमीटर के अनुमान भी प्रस्तुत करती है और दक्षता बढ़ाने में बहु-माध्यमी परिवहन की भूमिका को रेखांकित करती है। पिछले पांच वर्षों के अनुमान दिखाते हैं कि लॉजिस्टिक्स लागतों की वृद्धि दर गैर-सेवा उत्पादन की वृद्धि की तुलना में क्रमिक रूप से धीमी हो रही है। इस सुधार का श्रेय पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान, समर्पित माल गलियारे, भारतमाला परियोजना, सागरमाला परियोजना, एकीकृत चेक पोस्ट, एकीकृत लॉजिस्टिक्स इंटरफेस प्लेटफॉर्म (यूएलआईपी), और लॉजिस्टिक्स दक्षता संवर्धन कार्यक्रम (लीप) जैसी पहलों को दिया जाता है। प्रत्येक सामंजस्यपूर्ण नामकरण प्रणाली (एचएसएन) कोड को संबंधित लाइन मंत्रालय से जोड़ने से समन्वय सरल होता है और मुक्त व्यापार समझौता वार्ताओं में भारत की स्थिति मजबूत होती है।
पीयूष गोयल ने भारत में लॉजिस्टिक्स लागत आकलन रिपोर्ट जारी की; लागत सकल घरेलू उत्पाद की 7.97% आंकी गई
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 20 सितंबर 2025 को एनसीएईआर द्वारा तैयार भारत में लॉजिस्टिक्स लागत आकलन रिपोर्ट जारी की। इसमें लॉजिस्टिक्स लागत सकल घरेलू उत्पाद की 7.97 प्रतिशत आंकी गई है, जो बाहरी अध्ययनों में दिए गए 13-14 प्रतिशत के आंकड़े से काफी कम है।
मुख्य तथ्य
- केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 20 सितंबर 2025 को मेक इन इंडिया के एक दशक के अवसर पर रिपोर्ट जारी की
- एनसीएईआर ने डीपीIIT के लिए द्वितीयक आंकड़ों और देशव्यापी सर्वेक्षणों को मिलाकर मिश्रित पद्धति से रिपोर्ट तैयार की
- भारत में लॉजिस्टिक्स लागत सकल घरेलू उत्पाद की 7.97 प्रतिशत आंकी गई — यह वैज्ञानिक तरीके से निकाला गया पहला अनुमान है
- 13 से 14 प्रतिशत के पूर्व अनुमान बाहरी अध्ययनों के अधूरे आंकड़ों पर आधारित थे
- पीएम गतिशक्ति, भारतमाला, सागरमाला, यूएलआईपी और लीप जैसी पहलों से लॉजिस्टिक्स लागत बढ़ने की रफ्तार धीमी हो रही है
- प्रत्येक एचएसएन कोड को संबंधित विभागीय मंत्रालय से जोड़ा गया है, जिससे मुक्त व्यापार समझौतों की वार्ताओं में भारत की स्थिति मजबूत होती है
PYQप्रीलिम्स/PYQ दृष्टिकोण
- RAS 2023 भारत की राष्ट्रीय लॉजिस्टिक नीति के लक्ष्य क्या हैं? — दोनों भारत की राष्ट्रीय रसद नीति ढांचे एवं लागत-कमी लक्ष्यों से सीधे जुड़े हैं।
- RAS 2018 भारत सरकार की भारतमाला परियोजना से आप क्या समझते हैं? — दोनों भारतीय अर्थव्यवस्था में रसद लागत घटाने वाली बुनियादी ढांचा पहलों पर चर्चा करते हैं।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: एनसीएईआर की 'भारत में रसद लागत आकलन' रिपोर्ट के महत्व तथा राष्ट्रीय रसद नीति 2022 ढांचे पर उसके निहितार्थों की चर्चा कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
20 सितंबर 2025 को वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने एनसीएईआर की 'भारत में रसद लागत आकलन' रिपोर्ट जारी की। इसमें रसद लागत सकल घरेलू उत्पाद का 7.97% आंकी गई, जो प्रचलित 13-14% अनुमान से काफी कम है। राष्ट्रीय रसद नीति 2022 के तहत तैयार यह रिपोर्ट परिवहन माध्यमों का डेटा शामिल करती है और पीएम गतिशक्ति तथा व्यापार-वार्ता के लिए बेंचमार्किंग को मजबूत करती है।
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20 सितंबर 2025 को जारी भारत में लॉजिस्टिक्स लागत आकलन रिपोर्ट के अनुसार, भारत के सकल घरेलू उत्पाद में लॉजिस्टिक्स लागत का अनुमानित हिस्सा कितना है?
डीपीआईआईटी के लिए एनसीएईआर ने भारत की लॉजिस्टिक्स लागत कुल सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 7.97% आँकी। यह आँकड़ा आंशिक आंकड़ों वाले बाहरी अध्ययनों में प्रचलित 13–14% अनुमान से काफी कम है।
स्रोत: PIB
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
20 सितंबर 2025 को भारत में लॉजिस्टिक्स लागत आकलन रिपोर्ट किसने जारी की?
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने नई दिल्ली में मेक इन इंडिया के एक दशक पूरे होने के अवसर पर यह रिपोर्ट जारी की।
इस रिपोर्ट के अनुसार सकल घरेलू उत्पाद में लॉजिस्टिक्स लागत का अनुमानित हिस्सा कितना है?
एनसीएईआर द्वारा डीपीIIT के लिए तैयार आकलन के अनुसार, लॉजिस्टिक्स लागत कुल सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 7.97 प्रतिशत अनुमानित है। यह आमतौर पर उद्धृत 13 से 14 प्रतिशत के आंकड़े से काफी कम है।
लॉजिस्टिक्स लागत मापने का ढांचा किस नीति के तहत विकसित किया गया?
राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति 2022 के तहत। इसमें लॉजिस्टिक्स लागत को मापने और उनकी तुलना वैश्विक परिपाटियों से करने के लिए एक समान ढांचा तैयार करने की आवश्यकता बताई गई थी।
भारत में लॉजिस्टिक्स लागत की वृद्धि दर को धीमा करने में किन प्रमुख पहलों ने मदद की है?
पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान, समर्पित माल गलियारे, भारतमाला परियोजना, सागरमाला परियोजना, एकीकृत चेक पोस्ट, एकीकृत लॉजिस्टिक्स इंटरफेस प्लेटफॉर्म (यूएलआईपी), और लॉजिस्टिक्स दक्षता संवर्धन कार्यक्रम (लीप)।
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