प्रकाशित: 13 मार्च 2026टॉपिक
कौशल मंत्रालय ने विदेशों में कुशल श्रमिकों के रोजगार के लिए GATI फाउंडेशन के साथ MoU किया
कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय ने गति फाउंडेशन के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इसका उद्देश्य कुशल भारतीय कामगारों के विदेशी रोजगार और वैश्विक आवाजाही से जुड़े संस्थागत तंत्र को मजबूत करना है। यह विषय परीक्षा की दृष्टि से इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह कौशल विकास, रोजगार, प्रवासन, जनसांख्यिकीय लाभांश और विकसित भारत 2047 जैसे व्यापक लक्ष्यों को एक साथ जोड़ता है।
इस सहयोग का केंद्र विदेशों में रोजगार के अवसरों को अधिक व्यवस्थित और टिकाऊ बनाना है। मंत्रालय और गति फाउंडेशन विदेशी कौशल-प्रशिक्षण और कामगार आवाजाही के लिए एक व्यापक, डेटा-आधारित रोडमैप पर काम करेंगे। इसमें उन अंतरराष्ट्रीय नौकरी भूमिकाओं, प्राथमिक गंतव्य देशों और क्षेत्रों की पहचान शामिल है, जहां कुशल भारतीय कामगारों के लिए अवसर बन सकते हैं। इससे नीति-निर्माण में श्रम बाजार की मांग, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार मार्गों को साथ पढ़ना जरूरी हो जाता है।
शासन की दृष्टि से यह पहल केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर देती है। गति फाउंडेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अर्नब भट्टाचार्य के बयान के अनुसार, इसका उद्देश्य भारत के कार्यबल तंत्र में कौशल-प्रशिक्षण प्रयासों, संदेश और क्रियान्वयन को अधिक संगठित बनाना है। कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय की सचिव देबश्री मुखर्जी ने इसे वैश्विक कौशल आवाजाही के लिए संरचित तंत्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
स्टैटिक जीके लिंक में कौशल विकास नीतियां, अंतरराष्ट्रीय श्रम बाजार, प्रवासी रोजगार, मानव पूंजी और आर्थिक विकास शामिल हैं। प्रारंभिक परीक्षा में मंत्रालय, साझेदार संस्था, उद्देश्य और 2047 लक्ष्य पूछे जा सकते हैं। मुख्य परीक्षा में इसे रोजगार-सृजन, कौशल-प्रशिक्षण, संगठित प्रवासन तथा भारत की वैश्विक श्रम-शक्ति भूमिका से जोड़ा जा सकता है।
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6-अक्ष वर्गीकरण
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय ने गति फाउंडेशन के साथ समझौता ज्ञापन क्यों किया?
मंत्रालय ने यह समझौता कुशल भारतीय कामगारों के विदेशी रोजगार और वैश्विक आवाजाही को समर्थन देने वाले संस्थागत तंत्र को मजबूत करने के लिए किया। इसका व्यापक लक्ष्य भारत को 2047 तक दुनिया की कौशल राजधानी बनाने की दिशा में आगे बढ़ाना है।
इस सहयोग में विदेशी कौशल-प्रशिक्षण और कामगार आवाजाही के लिए क्या योजना है?
मंत्रालय और गति फाउंडेशन विदेशी कौशल-प्रशिक्षण और कामगार आवाजाही के लिए एक व्यापक, डेटा-आधारित रोडमैप पर काम करेंगे। इसमें उच्च मांग वाली अंतरराष्ट्रीय नौकरी भूमिकाओं, प्राथमिक गंतव्य देशों और क्षेत्रीय अवसरों की पहचान शामिल होगी।
यह पहल परीक्षा की दृष्टि से किन विषयों से जुड़ती है?
यह पहल कौशल विकास, रोजगार, प्रवासन, मानव पूंजी, केंद्र-राज्य समन्वय और विकसित भारत 2047 से जुड़ती है। प्रारंभिक परीक्षा में तथ्यात्मक प्रश्न और मुख्य परीक्षा में रोजगार तथा संगठित प्रवासन पर विश्लेषणात्मक प्रश्न बन सकते हैं।
इस पहल में केंद्र और राज्यों के समन्वय का महत्व क्या है?
गति फाउंडेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अर्नब भट्टाचार्य के अनुसार, सहयोग का उद्देश्य केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय को मजबूत करना और भारत के कार्यबल तंत्र में कौशल-प्रशिक्षण प्रयासों, संदेश और क्रियान्वयन को अधिक संगठित बनाना है।