बजट 2026-27 में रक्षा मंत्रालय को रिकॉर्ड 7.85 लाख करोड़ आवंटित किए गए — यह वित्त वर्ष 2025-26 के बजट अनुमान से 15.19% अधिक है। रक्षा का हिस्सा कुल बजट का 14.67% है। विभाजन: पूंजी व्यय 27.95% (2,19,306 करोड़, वित्त वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमान से +17.6%), संचालन पर राजस्व व्यय 20.17%, वेतन और भत्ते 26.40%, रक्षा पेंशन 21.84%, नागरिक संगठन 3.64%। ECHS को 12,100 करोड़ (+45.49%)। बजट में 'आत्मनिर्भर भारत' के तहत स्वदेशी रक्षा विनिर्माण पर जोर है — रक्षा अनुसंधान एवं विकास और भारतीय विक्रेताओं से खरीद के लिए आवंटन बढ़ाया गया है, ताकि ऑपरेशन सिंदूर के बाद बनी गति आगे बढ़े।