भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्य कांत ने 6 जनवरी 2026 को केरल के वायनाड जिले के कल्पेट्टा में भारत की पहली पूरी तरह कागज-रहित जिला न्यायपालिका का वर्चुअल रूप से उद्घाटन किया। यह भारत का पहला मामला है जहाँ जिला स्तर की पूरी न्यायपालिका — सभी न्यायालयों और संबंधित प्रशासनिक कार्यालयों सहित — शुरू से अंत तक पूरी तरह डिजिटल और कागज-रहित प्रणाली में बदल गई है। यह परिवर्तन उच्च न्यायालय द्वारा विकसित जिला न्यायालय केस मैनेजमेंट सिस्टम (DCMS) से संभव हुआ। इस प्रणाली के तहत सभी मामलों की फाइलिंग ऑनलाइन होती है और हर चरण — मामला दर्ज होने से लेकर विचारण-पूर्व कार्यवाही, साक्ष्य अभिलेखन, अंतरिम आवेदनों और अंतिम निर्णय तक — इलेक्ट्रॉनिक रूप से संचालित होता है। CJI ने इसे न्याय तक पहुँच को 'लोकतांत्रिक' बनाने वाला कदम बताया। AI-आधारित न्यायिक सहायता उपकरण भी लगाए गए हैं। यह पहल भारत की ई-कोर्ट मिशन मोड परियोजना के चरण-III के अनुरूप है। उम्मीद है कि कल्पेट्टा मॉडल अन्य जिला न्यायपालिकाओं के लिए एक रूपरेखा बनेगा।