भारतीय रिज़र्व बैंक ने डिजिटल लेनदेन में ग्राहक देयता को सीमित करने वाले ढांचे की समीक्षा के लिए 6 मार्च 2026 को मसौदा संशोधन निर्देश जारी किए। मसौदे में वाणिज्यिक बैंकों और अन्य विनियमित संस्थाओं के लिए जिम्मेदार व्यावसायिक आचरण से जुड़े मौजूदा निर्देशों में संशोधन प्रस्तावित है। इसका केंद्र इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग धोखाधड़ी है: ग्राहक-सुरक्षा नियमों का दायरा बढ़ाना, धोखाधड़ी शिकायतों के निपटान में बैंकों द्वारा लिया जाने वाला समय घटाना और कम मूल्य वाली धोखाधड़ी वाले इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग लेनदेन के लिए अस्थायी क्षतिपूर्ति व्यवस्था शुरू करना। सार्वजनिक टिप्पणियां 6 अप्रैल 2026 तक मांगी गई थीं। वाणिज्यिक बैंकों के लिए मसौदा तृतीय संशोधन निर्देशों में प्रस्ताव है कि ये 1 जुलाई 2026 या उसके बाद किए गए इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग लेनदेन पर लागू हों।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने डिजिटल धोखाधड़ी में देयता पर मसौदा निर्देश जारी किए
भारतीय रिज़र्व बैंक ने 6 मार्च 2026 को इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग धोखाधड़ी में ग्राहक की देयता से जुड़े नियमों में संशोधन के लिए मसौदा निर्देश जारी किए; टिप्पणियां 6 अप्रैल तक मांगी गईं और मसौदे में 1 जुलाई 2026 से लागू करने का प्रस्ताव है।
मुख्य तथ्य
- RBI ने ग्राहक सेवा और जवाबदेही मजबूत करने के लिए RBI (Commercial Banks - Responsible Business Conduct) Third Amendment Directions, 2026 जारी किए।
- बैंकों को ग्राहक शिकायत निवारण में नए मानदंड अपनाने होंगे।
- शिकायत निवारण तंत्र को अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनाया गया है।
- RBI का उद्देश्य बैंकिंग क्षेत्र में उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा को और मजबूत करना है।
- नए निर्देश देश के 90 से अधिक वाणिज्यिक बैंकों पर लागू होंगे।
- यह घटनाक्रम भारत में शासन और सार्वजनिक नीति के लिहाज से महत्वपूर्ण है
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
RBI ने वाणिज्यिक बैंकों के लिए जिम्मेदार व्यापार आचरण निर्देश 2026 क्यों जारी किए?
RBI ने **डिजिटल भुगतान** के बढ़ते उपयोग को देखते हुए **इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग लेनदेन में ग्राहक सुरक्षा को मजबूत** करने के लिए **जिम्मेदार व्यापार आचरण तृतीय संशोधन निर्देश 2026** जारी किए। ये **1 जुलाई 2026** से प्रभावी हैं।
RBI के जिम्मेदार व्यापार आचरण निर्देश 2026 कब से लागू होंगे?
**RBI (वाणिज्यिक बैंक - जिम्मेदार व्यापार आचरण) तृतीय संशोधन निर्देश, 2026** **1 जुलाई 2026** से प्रभावी होंगे। ये निर्देश **इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग लेनदेन में ग्राहक सुरक्षा** और **अनधिकृत डिजिटल लेनदेन के लिए देयता से सुरक्षा** को मजबूत करते हैं।
RBI के जिम्मेदार व्यापार आचरण निर्देश 2026 अनधिकृत डिजिटल लेनदेन से ग्राहकों की सुरक्षा कैसे करते हैं?
**RBI जिम्मेदार व्यापार आचरण निर्देश 2026** **अनधिकृत डिजिटल लेनदेन** के मामलों में ग्राहकों को **देयता से सुरक्षा** मजबूत करते हैं। बैंकों को ग्राहकों को अधिकतम क्षतिपूर्ति देनी होगी। ये **1 जुलाई 2026** से प्रभावी होंगे।
इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग सुरक्षा के लिए RBI वाणिज्यिक बैंकों से क्या अपेक्षा करता है?
**RBI जिम्मेदार व्यापार आचरण ढांचा** वाणिज्यिक बैंकों से **इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग लेनदेन में ग्राहक सुरक्षा** सुनिश्चित करने की अपेक्षा करता है। 2026 के तृतीय संशोधन में **अनधिकृत डिजिटल लेनदेन के लिए देयता से सुरक्षा** से संबंधित उपबंध **1 जुलाई 2026** से लागू होंगे।
RBI के संशोधित निर्देश 2026 का पूरा नाम क्या है और यह कौन-सा संशोधन है?
**RBI (वाणिज्यिक बैंक - जिम्मेदार व्यापार आचरण) तृतीय संशोधन निर्देश 2026** तीसरा संशोधन है, जो इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग लेनदेन में ग्राहक सुरक्षा को मजबूत करता है। **1 जुलाई 2026** से प्रभावी यह निर्देश सभी वाणिज्यिक बैंकों पर लागू होगा।
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