प्रकाशित: 3 सितंबर 2025समाचार स्रोतअर्थव्यवस्था
जीएसटी परिषद ने जीएसटी 2.0 सुधार को मंजूरी दी: चार-स्लैब प्रणाली की जगह दो स्लैब वाला ढांचा
जीएसटी परिषद ने 3 सितंबर 2025 को भारत की अप्रत्यक्ष कर संरचना को सरल बनाने के उद्देश्य से ऐतिहासिक 'जीएसटी 2.0' सुधार पैकेज को मंजूरी दी, जो 22 सितंबर 2025 से प्रभावी हुआ। इस सुधार में 12% और 28% कर स्लैब को समाप्त कर 5% और 18% की सरलीकृत दो-स्लैब प्रणाली लागू की गई, साथ ही विलासिता और हानिकारक वस्तुओं के लिए एक नया 40% स्लैब भी जोड़ा गया। पहले के 28% स्लैब की लगभग 90% वस्तुएं 18% में और 12% स्लैब की 99% वस्तुएं 5% में स्थानांतरित हो गईं।
आईएमएफ का दल, जो वार्षिक अनुच्छेद-IV परामर्श के लिए 4 सितंबर 2025 को दिल्ली पहुंचा, ने इस संरचनात्मक सुधार को भारत की विकास गति के लिए एक महत्वपूर्ण सकारात्मक संकेत बताया। सरकार ने प्रतिवर्ष लगभग ₹48,000 करोड़ के शुद्ध राजस्व प्रभाव का अनुमान लगाया, जबकि एसबीआई रिसर्च ने ₹70,000 करोड़ की प्रत्यक्ष खपत वृद्धि और गुणक प्रभाव से कुल ₹1.98 लाख करोड़ की समग्र मांग प्रोत्साहन का अनुमान लगाया।
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जुड़ा प्रश्नमध्यम
सरकारी अनुमानों के अनुसार GST 2.0 सुधार का अनुमानित शुद्ध वार्षिक राजस्व प्रभाव कितना है?
व्याख्या · सही उत्तर Bएसबीआई रिसर्च के अनुसार सरकार ने GST दरों के युक्तिकरण का शुद्ध राजकोषीय प्रभाव सालाना लगभग ₹48,000 करोड़ आँका था। एसबीआई ने वृद्धि और खपत के प्रभाव को जोड़कर अपना अनुमान कम बताया, लेकिन प्रश्न में पूछा गया सरकारी अनुमान ₹48,000 करोड़ की हानि है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
GST परिषद ने GST 2.0 को कब मंजूरी दी और कर स्लैब की नई संरचना क्या है?
GST परिषद ने 3 सितंबर 2025 को GST 2.0 को मंजूरी दी। नई संरचना में दो स्लैब — 5% और 18% — हैं, जो पुरानी चार-स्तरीय (5%, 12%, 18% और 28%) प्रणाली के स्थान पर आए।
GST 2.0 सुधार के तहत कौन से GST स्लैब समाप्त किए गए?
GST 2.0 सुधार के तहत 12% और 28% कर स्लैब समाप्त किए गए। अनुपालन बोझ कम करने और भारत की अप्रत्यक्ष कर प्रणाली को सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से 5% और 18% की दो-स्लैब संरचना लागू की गई।
IMF का अनुच्छेद-IV मिशन क्या है और यह GST 2.0 से कैसे संबंधित है?
IMF का अनुच्छेद-IV परामर्श अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष द्वारा सदस्य देश की आर्थिक नीतियों का समय-समय पर किया जाने वाला मूल्यांकन है। भारत के लिए IMF का अनुच्छेद-IV मिशन 4 सितंबर 2025 को दिल्ली में शुरू हुआ — GST 2.0 की मंजूरी के एक दिन बाद।
GST 2.0 सुधार से क्या आर्थिक प्रभाव अपेक्षित है?
GST 2.0 सुधारों से कर आधार बढ़ने और अनुपालन आसान होने के कारण भारत के कर-GDP अनुपात में सुधार की उम्मीद है। दो-स्लैब संरचना का लक्ष्य कर विवादों को कम करना, व्यवसायों पर अनुपालन का बोझ घटाना और भारत की अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था को निवेशकों के लिए अधिक अनुकूल बनाना है।