प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूरोपीय परिषद अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लाइन ने 27 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में 16वां भारत-EU शिखर सम्मेलन आयोजित किया। इसका ऐतिहासिक परिणाम भारत-EU मुक्त व्यापार समझौते का निष्कर्ष रहा, जिसे 'सबसे बड़ा सौदा' कहा गया; यह दोनों पक्षों का सबसे बड़ा FTA है। EU और भारत मिलकर विश्व GDP का ~25% और ~2 अरब लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं। प्रमुख प्रावधान: EU के 96.6% सामानों पर शुल्क समाप्त; EU को सालाना EUR 4 अरब की बचत; भारत कारों पर शुल्क 110% से 10% तक 5 वर्षों में कम करेगा (250,000 EU वाहनों के लिए कोटा); EU ने भारत के कपड़ा, चमड़ा, जूते, रत्न-आभूषणों को तत्काल शून्य-शुल्क दिया। शिखर सम्मेलन में EU-भारत सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पर भी हस्ताक्षर हुए।
16वां भारत-EU शिखर सम्मेलन: दो दशकों की बातचीत के बाद मुक्त व्यापार समझौता तय
16वें शिखर सम्मेलन में भारत-EU FTA संपन्न — 96.6% शुल्क समाप्त; कार शुल्क 110% से 10%; भारतीय कपड़ा और रत्नों पर शून्य शुल्क; रक्षा साझेदारी।
मुख्य तथ्य
- 27 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में 16वां भारत-EU शिखर सम्मेलन आयोजित हुआ, जिसकी सह-अध्यक्षता PM Modi, यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष Antonio Costa और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष Ursula von der Leyen ने की।
- भारत-EU मुक्त व्यापार समझौता संपन्न हुआ — दोनों पक्षों ने इसे सबसे बड़ा FTA बताया; इसमें विश्व GDP का लगभग 25% और लगभग 2 अरब लोग शामिल हैं।
- EU के माल निर्यात के कुल मूल्य के 96.6% हिस्से पर शुल्क समाप्त होगा, जिससे EU को सालाना 4 अरब यूरो तक की शुल्क बचत होगी।
- भारत 5 वर्षों में कार टैरिफ 110% से घटाकर 10% करेगा, साथ में सालाना 2,50,000 EU वाहनों का कोटा रहेगा।
- EU भारत के कपड़ा, चमड़ा, जूते, रत्न और आभूषण निर्यात को तुरंत शून्य शुल्क पर अपने बाजार में प्रवेश देगा।
- FTA के साथ EU-India सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पर भी हस्ताक्षर किए गए।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: नई दिल्ली में 16वें भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन के प्रमुख परिणामों की चर्चा कीजिए तथा संपन्न मुक्त व्यापार समझौते के रणनीतिक महत्व का मूल्यांकन कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
27 जनवरी 2026 को 16वें भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन में ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता संपन्न हुआ, जिसमें यूरोपीय संघ के वस्तु निर्यात के 96.6 प्रतिशत पर शुल्क समाप्त किए गए। भारत ने कार शुल्क पांच वर्षों में 110 से घटाकर 10 प्रतिशत किए और 2,50,000 वाहनों के लिए पहुंच दी। सुरक्षा एवं रक्षा साझेदारी हस्ताक्षरित हुई।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
16वें भारत-EU शिखर सम्मेलन में क्या संपन्न हुआ और FTA वार्ता में कितना समय लगा?
**नई दिल्ली में हुए 16वें भारत-EU शिखर सम्मेलन** में 2007 में शुरू हुई **करीब दो दशक की वार्ता** के बाद **भारत-EU FTA** संपन्न हुआ। इससे भारतीय वस्तुओं को EU के एकल बाजार में **99% शुल्क-मुक्त पहुंच** मिलती है। **यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष Ursula von der Leyen** और प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति में हुए इस शिखर सम्मेलन ने **भारत-EU रणनीतिक साझेदारी** को ऐतिहासिक रूप से आगे बढ़ाया।
भारत को EU से FTA में बाजार तक कैसी पहुंच मिली?
भारत को **EU एकल बाजार** — 45 करोड़ उपभोक्ता — तक वस्तुओं के लिए **99% शुल्क-मुक्त पहुंच** मिली। प्रमुख लाभ: **वस्त्र** (12% शुल्क समाप्त), **IT सेवाएं**, **फार्मास्यूटिकल्स** (5-6% शुल्क हटाया + GMP मान्यता), **रत्न और आभूषण**। भारत का EU के साथ **$86 अरब का द्विपक्षीय व्यापार** FTA लागू होने के 5-7 वर्षों में दोगुना होने की उम्मीद है।
भारत-EU रणनीतिक साझेदारी क्या है और इसके प्रमुख स्तंभ क्या हैं?
**भारत-EU रणनीतिक साझेदारी** (2004 में स्थापित) चार स्तंभों पर टिकी है: (1) **व्यापार और निवेश** — FTA, द्विपक्षीय निवेश संधि; (2) **जलवायु और स्वच्छ ऊर्जा**; (3) **डिजिटल साझेदारी** — व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद; और (4) **सुरक्षा और भू-राजनीति** — 16वें शिखर सम्मेलन में सुरक्षा और रक्षा भागीदारी।
भारत-EU FTA भारत की 'चाइना+1' विनिर्माण रणनीति को कैसे मज़बूत करता है?
**भारत-EU FTA** भारत की **'चाइना+1' विनिर्माण रणनीति** को बड़े पैमाने पर मज़बूत करता है। जो यूरोपीय कंपनियां चीन पर निर्भरता घटाकर दूसरे ठिकाने तलाश रही हैं, उनके लिए अब स्पष्ट प्रोत्साहन है: भारत में विनिर्माण करने पर **EU बाजारों में 99% शुल्क-मुक्त पहुंच** मिलती है। यह **इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटो पुर्जे, सौर पैनल** और **फार्मास्यूटिकल्स** के लिए बड़ा बदलाव ला सकता है।
भारत-EU व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद (TTC) क्या है और यह FTA से कैसे संबंधित है?
**भारत-EU TTC** (2022 में स्थापित) के तहत **सेमीकंडक्टर, AI शासन, स्वच्छ प्रौद्योगिकी, डिजिटल कनेक्टिविटी** और **महत्वपूर्ण खनिजों** पर समन्वय होता है। जहां **FTA** शुल्क बाधाओं से जुड़ा है, वहीं **TTC** गैर-शुल्क बाधाओं को दूर करने पर केंद्रित है। FTA + TTC मिलकर भारत-EU संबंधों को वैश्विक स्तर पर सबसे बहु-आयामी बनाते हैं।
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