कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में लव अग्रवाल को विदेश व्यापार महानिदेशालय का महानिदेशक नियुक्त किया। विदेश व्यापार महानिदेशालय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत काम करता है और भारत की विदेश व्यापार नीति तैयार करने तथा उसे लागू करने के लिए उत्तरदायी है। लव अग्रवाल आंध्र प्रदेश कैडर के 1996 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी हैं। इस नियुक्ति से पहले वे महिला एवं बाल विकास मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव रहे। उन्होंने अजय भादू की जगह ली है।
परीक्षा की दृष्टि से यह खबर केवल किसी अधिकारी की नियुक्ति वाली खबर नहीं है। इससे केंद्र सरकार की नियुक्ति प्रक्रिया, वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय की भूमिका, और विदेश व्यापार नीति से जुड़े प्रशासनिक ढांचे को जोड़कर पढ़ना चाहिए। प्रारंभिक परीक्षा में ऐसे तथ्य सीधे पूछे जा सकते हैं: किसे नियुक्त किया गया, किस संस्था में नियुक्ति हुई, किस मंत्रालय के तहत वह संस्था आती है, नियुक्त अधिकारी किस सेवा और कैडर से हैं, तथा उन्होंने किसकी जगह ली।
स्टैटिक जीके के लिए विदेश व्यापार महानिदेशालय का काम विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि भारत की निर्यात-आयात नीति और व्यापार प्रशासन में इसी संस्था की भूमिका सामने आती है। शासन विषय में यह नियुक्ति कैबिनेट की नियुक्ति समिति और वरिष्ठ नौकरशाही पदों से जुड़ी समझ को अधिक सीधे मजबूत करती है। मुख्य परीक्षा में इसका उपयोग संस्थागत जवाबदेही, व्यापार नीति के क्रियान्वयन और आर्थिक प्रशासन से जुड़े छोटे उदाहरण के रूप में किया जा सकता है। इस उदाहरण का आधार नियुक्ति, मंत्रालय, अधिकारी की पृष्ठभूमि और महानिदेशालय की भूमिका है।
