वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2026 को केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया — यह उनका लगातार नौवां बजट है, जो स्वतंत्र भारत में किसी वित्त मंत्री का सबसे लंबा अटूट कार्यकाल है। विकसित भारत के विषय पर आधारित यह बजट रविवार को पेश किया गया और BSE-NSE ने बजट दिवस पर नियमित ट्रेडिंग सत्र आयोजित किया।

प्रमुख वित्तीय आंकड़े: कुल बजटीय व्यय ₹53.47 लाख करोड़; पूंजीगत व्यय ₹12.22 लाख करोड़ (2025-26 के संशोधित अनुमान से 11.5% अधिक); राज्यों को अनुदान सहित प्रभावी पूंजीगत व्यय ₹17.15 लाख करोड़; राजकोषीय घाटा 2026-27 के लिए GDP का 4.3% लक्ष्य (2025-26 के संशोधित 4.4% से कम); नाममात्र GDP वृद्धि 10% अनुमानित।

प्रमुख क्षेत्रीय घोषणाएं: पांच साल में ₹10,000 करोड़ के परिव्यय के साथ बायोफार्मा SHAKTI योजना; तीन नए AIIMS और तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान; चिकित्सा पर्यटन के लिए पांच क्षेत्रीय चिकित्सा केंद्र; ₹10,000 करोड़ SME ग्रोथ फंड और स्वनिर्भर भारत फंड में ₹2,000 करोड़ का टॉप-अप; कृषि आवंटन ₹1.63 लाख करोड़; भारत-VISTAAR: AI-संचालित बहुभाषी कृषि सलाह प्लेटफ़ॉर्म; नवीकरणीय ऊर्जा आवंटन 30% बढ़कर ₹32,914 करोड़; और रक्षा मंत्रालय को रिकॉर्ड ₹7.85 लाख करोड़ (कुल बजट का 14.67%, 2025-26 की तुलना में 15.19% वृद्धि)। आयकर अधिनियम 2025, 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा। नई कर व्यवस्था में ₹12 लाख तक की वार्षिक आय पर शून्य कर बरकरार।

राजस्थान के लिए, MSME ग्रोथ कैपिटल, कृषि और नवीकरणीय ऊर्जा में 30% वृद्धि से राज्य के सौर ऊर्जा क्षेत्र और भीलवाड़ा-जोधपुर के MSME टेक्सटाइल क्लस्टरों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।