रक्षा प्रमुख ने 22 जनवरी 2026 को भारत के सशस्त्र बलों में क्वांटम प्रौद्योगिकियों को शामिल करने के लिए सैन्य क्वांटम मिशन नीति की विस्तृत रूपरेखा जारी की। इसमें रक्षा क्षेत्र के लिए क्वांटम संचार, क्वांटम कंप्यूटिंग, क्वांटम सेंसिंग और क्वांटम सामग्री के विकास को शामिल किया गया है।

इस रूपरेखा में तीनों सेनाओं के बीच तालमेल और नागरिक-सैन्य समन्वय पर ज़ोर दिया गया है तथा हर सेवा मुख्यालय में क्वांटम अनुसंधान कक्ष बनाने की योजना है। इसके प्रमुख उपयोगों में सुरक्षित सैन्य संचार के लिए क्वांटम कुंजी वितरण, पनडुब्बियों की पहचान और सटीक नेविगेशन के लिए क्वांटम सेंसर तथा रसद को बेहतर बनाने और कूटविश्लेषण के लिए क्वांटम कंप्यूटिंग शामिल हैं। नीति का लक्ष्य 2028 तक प्रोटोटाइप तैनात करना और 2032 तक परिचालन क्षमता हासिल करना है।