भारत सरकार ने 26 अक्टूबर को राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार (RVP) 2025 के दूसरे संस्करण की घोषणा की, जिसमें 24 प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों और 1 अग्रणी अनुसंधान दल को सम्मानित किया गया। दिवंगत खगोल भौतिकीविद् प्रो. जयंत विष्णु नार्लीकर (1938-2025) को मरणोपरांत विज्ञान रत्न के लिए चुना गया। वे हॉयल-नार्लीकर गुरुत्वाकर्षण सिद्धांत तथा ब्रह्मांड विज्ञान और सामान्य सापेक्षता में अपने योगदान के लिए प्रसिद्ध थे। पूरी सूची में 1 विज्ञान रत्न (मरणोपरांत), 8 विज्ञान श्री, 45 वर्ष से कम आयु के वैज्ञानिकों के लिए 14 विज्ञान युवा-शांति स्वरूप भटनागर और वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) के अरोमा मिशन को 1 विज्ञान टीम पुरस्कार शामिल था। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 23 दिसंबर 2025 को राष्ट्रपति भवन में ये पुरस्कार प्रदान किए।