प्रकाशित: 7 फ़रवरी 2026समाचार स्रोतविज्ञान-प्रौद्योगिकी
तूतीकोरिन VOC बंदरगाह भारत का पहला बंदरगाह बना जिसने उन्नत एंटी-ड्रोन प्रणाली लगाई
6 फरवरी 2026 को तमिलनाडु के तूतीकोरिन में वी.ओ. चिदंबरनार (VOC) बंदरगाह प्राधिकरण ने केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (CEL) — वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान विभाग के तहत भारत सरकार का उद्यम — के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए और उन्नत एंटी-ड्रोन प्रणाली स्थापित करने वाला भारत का पहला बंदरगाह बन गया। इस प्रणाली के तीन महीने में पूरी तरह चालू होने की उम्मीद है।
एंटी-ड्रोन प्रणाली में रेडियो फ्रीक्वेंसी (RF) डिटेक्शन और रडार-आधारित तकनीकें शामिल हैं, जिनसे 5 किलोमीटर तक 360-डिग्री कवरेज मिलता है। यह अनधिकृत ड्रोन का रियल-टाइम पता लगाने, ट्रैकिंग, वर्गीकरण और निष्क्रियीकरण का काम करती है। यह पहल मेरीटाइम इंडिया विजन 2030 और अमृत काल विजन 2047 के अनुरूप है। CEL के साथ साझेदारी रक्षा और सुरक्षा क्षेत्र में मेक इन इंडिया लक्ष्य को आगे बढ़ाती है।
0मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: समुद्री भारत दृष्टि 2030 एवं तटीय सुरक्षा के लिए मेक इन इंडिया उद्देश्य को आगे बढ़ाने में वी.ओ.सी. पोर्ट थूथुकुडी द्वारा भारत की पहली स्वदेशी ड्रोन-रोधी प्रणाली की तैनाती के महत्व पर चर्चा कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
6 फरवरी 2026 को वी.ओ. चिदंबरनार पोर्ट ने सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड से भारत की पहली बंदरगाह ड्रोन-रोधी प्रणाली का अनुबंध किया, जो रेडियो-आवृत्ति और रडार से पहचान कर 360-डिग्री 5 किलोमीटर कवरेज देती है। तीन माह में चालू होने वाली स्वदेशी प्रणाली समुद्री भारत दृष्टि 2030 तथा अमृत काल दृष्टि 2047 की तटीय सुरक्षा को मजबूती देती है।
6-अक्ष वर्गीकरण
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत का पहला उन्नत एंटी-ड्रोन प्रणाली वाला बंदरगाह कौन सा है और यह कब हुआ?
6 फरवरी 2026 को VOC बंदरगाह तूतीकोरिन (तमिलनाडु) भारत का पहला बंदरगाह बना जहां उन्नत एंटी-ड्रोन प्रणाली लगाई गई। यह CEL (सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड) के साथ समझौते के बाद हुआ।
VOC बंदरगाह में लगाई गई एंटी-ड्रोन प्रणाली की तकनीकी विशेषताएं क्या हैं?
VOC बंदरगाह तूतीकोरिन में लगाई गई एंटी-ड्रोन प्रणाली 5 किमी तक 360-डिग्री पहचान और निष्क्रियीकरण की क्षमता देती है। यह मानव रहित हवाई वाहनों (UAV) से बंदरगाह के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की रक्षा करती है।
CEL (Central Electronics Limited) क्या है और यह किस मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करती है?
CEL भारत सरकार का एक सार्वजनिक उपक्रम (PSU) है, जो DSIR (वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान विभाग) के अंतर्गत कार्य करता है। CEL ने मेक इन इंडिया कार्यक्रम के तहत VOC बंदरगाह तूतीकोरिन में लगाई गई एंटी-ड्रोन प्रणाली का निर्माण किया।
VOC बंदरगाह में एंटी-ड्रोन प्रणाली मेरीटाइम इंडिया विजन 2030 से कैसे मेल खाती है?
VOC बंदरगाह तूतीकोरिन में एंटी-ड्रोन प्रणाली की तैनाती मेरीटाइम इंडिया विजन 2030 के अनुरूप है, जिसका लक्ष्य भारत के बंदरगाह बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाना और समुद्री सुरक्षा बढ़ाना है। स्वदेशी तौर पर विकसित यह प्रणाली Make in India कार्यक्रम को भी बढ़ावा देती है।
VOC बंदरगाह का आधिकारिक नाम क्या है और इसका प्रबंधन किस अधिनियम के तहत होता है?
VOC बंदरगाह, जो पहले तूतीकोरिन बंदरगाह के नाम से जाना जाता था, का आधिकारिक नाम वी.ओ. चिदम्बरनार बंदरगाह है। यह भारत के दक्षिणी सिरे पर स्थित एक प्रमुख बंदरगाह है और इसका प्रबंधन प्रमुख बंदरगाह प्राधिकरण अधिनियम, 2021 के तहत होता है।