उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के उपभोक्ता मामले विभाग के अधीन कार्यरत राष्ट्रीय परीक्षण शाला (NTH) ने 28 दिसंबर 2025 को रक्षा मंत्रालय के अधीन रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) की प्रयोगशाला रक्षा सामग्री एवं भंडार अनुसंधान तथा विकास स्थापना (DMSRDE) के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता ज्ञापन दोनों प्रमुख वैज्ञानिक संस्थानों के बीच अनुसंधान, परीक्षण और प्रशिक्षण में सहयोग बढ़ाने की रूपरेखा तय करता है। सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों में उन्नत सामग्रियों तथा प्रौद्योगिकियों पर संयुक्त अनुसंधान और परीक्षण गतिविधियाँ, प्रयोगशाला अवसंरचना और विशेष उपकरण सुविधाओं का साझा उपयोग, तथा NTH और DMSRDE के पेशेवरों के बीच वैज्ञानिक तथा तकनीकी विशेषज्ञता का आदान-प्रदान शामिल है। यह समझौता उन्नत परीक्षण कार्यप्रणालियों तथा उभरती सामग्री प्रौद्योगिकी में विशेषज्ञों के कौशल-विकास के लिए संयुक्त सेमिनार, कार्यशालाओं और संरचित प्रशिक्षण कार्यक्रमों का भी प्रावधान करता है, जिसमें नागरिक और रक्षा-उन्मुख दोनों चुनौतियों से निपटने में सक्षम प्रतिभा-समूह तैयार करने पर ज़ोर दिया गया है। जहाँ किसी भी पक्ष के पास विशेष सुविधाएँ सीमित हैं, वहाँ यह समझौता ज्ञापन सहमत शर्तों पर परीक्षण और मूल्यांकन में पारस्परिक मदद की व्यवस्था करता है, ताकि अवसंरचना को दोहराए बिना क्षमताएँ बढ़ाई जा सकें। NTH औद्योगिक तथा उपभोक्ता उत्पादों में परीक्षण, निरीक्षण और गुणवत्ता-आश्वासन सेवाएँ प्रदान करता है, जबकि DMSRDE गैर-धातु सामग्रियों के अनुसंधान और विकास में विशेषज्ञ है, जिनमें पॉलिमर, कंपोज़िट, एलास्टोमर, सिरेमिक, तकनीकी वस्त्र, ईंधन, स्नेहक और रक्षा अनुप्रयोगों के लिए महत्वपूर्ण अन्य विशेष सामग्रियाँ शामिल हैं। यह साझेदारी उपभोक्ता सुरक्षा, रक्षा आत्मनिर्भरता और आत्मनिर्भर भारत ढांचे के तहत राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाती है।