5 जून 2025 (विश्व पर्यावरण दिवस) को विद्याधर नगर के पास नाहरगढ़ वन्यजीव अभयारण्य में बीड पपड़ लेपर्ड सफारी के उद्घाटन के बाद जयपुर विश्व का पहला ऐसा शहर बन गया जहाँ तीन लेपर्ड सफारी हैं। जयपुर में अब झालाना लेपर्ड रिजर्व (आधिकारिक झालाना-अमागढ़ संरक्षण रिजर्व का हिस्सा; झालाना ब्लॉक 1,870.63 हेक्टेयर), अमागढ़ लेपर्ड रिजर्व और नई बीड पपड़ सफारी शामिल हैं — इन तीनों में मिलाकर 55 से अधिक तेंदुए हैं। शहर से हाथी-सिंह सफारी और रणथंभौर टाइगर रिजर्व तक भी पहुँचा जा सकता है। झालाना लेपर्ड रिजर्व — जयपुर शहर से चारों ओर से घिरा — में 40 से अधिक तेंदुए हैं और इसे भारत के सर्वश्रेष्ठ वन्यजीव स्थलों में गिना जाता है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में इको-टूरिज्म विकास पहलों के तहत राजस्थान में वन्यजीव पर्यटन उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है।
जयपुर विश्व का पहला शहर बना जहाँ तीन लेपर्ड सफारी हैं: राजस्थान वन्यजीव पर्यटन को बढ़ावा
5 जून 2025 (विश्व पर्यावरण दिवस) को विद्याधर नगर के पास नाहरगढ़ वन्यजीव अभयारण्य में बीड पपड़ लेपर्ड सफारी के उद्घाटन के बाद जयपुर विश्व का पहला ऐसा शहर बन गया जहाँ तीन लेपर्ड सफारी हैं। जयपुर में अब झालाना लेपर्ड रिजर्व (आधिकारिक झालाना-अमागढ़ संरक्षण रिजर्व का हिस्सा; झालाना ब्लॉक 1,870.63 हेक्टेयर), अमागढ़ लेपर्ड रिजर्व और नई बीड पपड़ सफारी हैं, जिनमें कुल मिलाकर 55 से अधिक तेंदुए हैं। यहाँ से हाथी-सिंह सफारी और रणथंभौर टाइगर रिजर्व तक पहुँचना भी संभव है। जयपुर शहर से चारों ओर से घिरे झालाना लेपर्ड रिजर्व में 40 से अधिक तेंदुए हैं और इसे भारत के सर्वश्रेष्ठ वन्यजीव स्थलों में गिना जाता है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में इको-टूरिज्म विकास पहलों के तहत राजस्थान का वन्यजीव पर्यटन क्षेत्र उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है।
मुख्य तथ्य
- बीड़ पापड़ सफारी शुरू होने से जयपुर तीन लेपर्ड सफारी वाला विश्व का पहला शहर बना।
- तीन सफारियाँ हैं — झालाना लेपर्ड रिज़र्व, अमागढ़ लेपर्ड रिज़र्व और बीड़ पापड़ सफारी।
- इन तीन सफारी क्षेत्रों में कुल मिलाकर लगभग 55 से अधिक तेंदुए रहते हैं।
- झालाना 40+ तेंदुओं वाला लेपर्ड रिजर्व है, जिसमें आधिकारिक रूप से 1,870.63 हेक्टेयर का झालाना ब्लॉक शामिल है।
- बीड़ पापड़ सफारी 5 जून 2025 को नाहरगढ़ वन्यजीव अभयारण्य में शुरू हुई।
- राजस्थान में वन्यजीव पर्यटन के लिए दिसंबर सबसे अच्छा महीना है, क्योंकि ठंडे तापमान में तेंदुए अधिक सक्रिय रहते हैं।
6-अक्ष वर्गीकरण
यह टॉपिक में दिखता है
अभ्यास प्रश्न MCQ
हल करेंनीचे विकल्प चुनें। सही या गलत संकेत तुरंत दिखेगा।
जयपुर की तीन तेंदुआ सफारियां राजस्थान के किस क्षेत्र को बढ़ावा देती हैं?
जयपुर में झालाना, आमागढ़ और मैला बाग जैसी तेंदुआ सफारियां वन्यजीव-पर्यटन से जुड़ी हैं। इनका उद्देश्य पर्यटकों को प्रकृति और तेंदुआ-दर्शन के अनुभव के लिए आकर्षित करना है, इसलिए ये मुख्यतः राजस्थान के पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देती हैं, खनन, कृषि या IT क्षेत्र को नहीं।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
जयपुर को तीन लेपर्ड सफारी वाला विश्व का पहला शहर क्यों माना जाता है?
5 जून 2025 (विश्व पर्यावरण दिवस) को बीड़ पापड़ लेपर्ड सफारी के उद्घाटन के बाद जयपुर को तीन लेपर्ड सफारी वाले विश्व के पहले शहर का दर्जा मिला। शहर में अब झालाना लेपर्ड रिज़र्व, अमागढ़ लेपर्ड रिज़र्व और नई बीड़ पापड़ सफारी हैं; इनमें मिलाकर 55 से अधिक तेंदुए हैं।
झालाना लेपर्ड रिज़र्व क्या है और इसे अद्वितीय क्यों माना जाता है?
झालाना लेपर्ड रिज़र्व भारत का पहला शहरी तेंदुआ अभयारण्य है, जो 23 वर्ग किमी में फैला है और जयपुर शहर की सीमाओं के भीतर स्थित है। यहाँ 40 से अधिक तेंदुए हैं। यह पूरी तरह शहर से घिरा हुआ है, इसी कारण इसे विश्व के दुर्लभतम शहरी वन्यजीव अभयारण्यों में से एक माना जाता है।
बीड़ पापड़ लेपर्ड सफारी का उद्घाटन कब और कहाँ हुआ?
बीड़ पापड़ लेपर्ड सफारी का उद्घाटन 5 जून 2025 को हुआ, जो विश्व पर्यावरण दिवस है। यह जयपुर, राजस्थान में विद्याधर नगर के पास नाहरगढ़ वन्यजीव अभयारण्य के भीतर स्थित है।
जयपुर के तीनों सफारी क्षेत्रों में कुल कितने तेंदुए हैं?
जयपुर के तीन लेपर्ड सफारी क्षेत्रों — झालाना लेपर्ड रिज़र्व, अमागढ़ लेपर्ड रिज़र्व और बीड़ पापड़ सफारी — में मिलाकर लगभग 55 या उससे अधिक तेंदुए हैं। अकेले झालाना में इनमें से 40 से अधिक तेंदुए हैं।
राजस्थान में वन्यजीव पर्यटन के लिए कौन सा समय सबसे उपयुक्त है और क्यों?
राजस्थान में वन्यजीव पर्यटन के लिए दिसंबर सर्वोत्तम माना जाता है, क्योंकि ठंडे मौसम में तेंदुओं की गतिविधि और उनके दिखने की संभावना काफी बढ़ जाती है। सर्दियों के महीने सामान्यतः रणथंभौर टाइगर रिज़र्व सहित राजस्थान के सभी अभयारण्यों में बेहतर वन्यजीव दर्शन के अवसर प्रदान करते हैं।
क्या यह उपयोगी था?
सुधार या छूटा परीक्षा दृष्टिकोण संपादकीय टीम को भेजें।
प्रतिक्रिया भेजें