मंगलवार, 14 अप्रैल 2026 को भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 135वीं जयंती के अवसर पर गांधीनगर के लोक भवन में भारत रत्न डॉ. भीमराव रामजी अंबेडकर को पुष्पांजलि अर्पित की। राष्ट्रपति लोक भवन में आयोजित 'सामाजिक समरसता महोत्सव' में शामिल हुईं, जहाँ उन्होंने बाबासाहेब को भारतीय संविधान का प्रमुख शिल्पी और आधुनिक भारतीय इतिहास में सामाजिक न्याय का अग्रणी प्रवर्तक बताया। गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल तथा केंद्र एवं राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी श्रद्धांजलि अर्पित करने में उनके साथ शामिल हुए। उसी दिन बाद में राष्ट्रपति मुर्मू ने राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (आरआरयू), गांधीनगर के 5वें दीक्षांत समारोह में भाग लिया, जो गृह मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय महत्व का संस्थान है और पुलिसिंग, आंतरिक सुरक्षा एवं सामरिक अध्ययन में कैडर तैयार करता है। दीक्षांत समारोह में राष्ट्रीय सुरक्षा के विशेष क्षेत्रों में 563 डिग्रियाँ और डिप्लोमा प्रदान किए गए तथा राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत कुमार डोभाल को मानद डॉक्टरेट दी गई। यह यात्रा राष्ट्रपति की गुजरात और महाराष्ट्र की चार दिवसीय यात्रा (13-16 अप्रैल 2026) का हिस्सा थी, जिसके दौरान उन्होंने 13 अप्रैल को एम्स राजकोट के प्रथम दीक्षांत समारोह तथा 16 अप्रैल को वर्धा में महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के छठे दीक्षांत समारोह में भी भाग लिया और अन्य शैक्षणिक एवं स्मारक कार्यक्रमों में शामिल हुईं। पूरे भारत में अंबेडकर जयंती कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) के 9 अप्रैल 2026 को जारी आदेश के तहत केंद्र सरकार के अवकाश के रूप में मनाई गई, जिसमें केंद्रीय कार्यालय बंद रहे; बैंकों का बंद रहना देशभर में एक समान न होकर स्थानीय स्तर पर अलग-अलग रहा।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गांधीनगर के लोक भवन में बाबासाहेब अंबेडकर को पुष्पांजलि अर्पित की; 135वीं जयंती पर सामाजिक समरसता महोत्सव और राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के 5वें दीक्षांत समारोह में शामिल हुईं
14 अप्रैल 2026 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 135वीं जयंती पर गांधीनगर के लोक भवन में डॉ. बी.आर. अंबेडकर को पुष्पांजलि अर्पित की और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल एवं राज्यपाल आचार्य देवव्रत के साथ सामाजिक समरसता महोत्सव में शामिल हुईं। उन्होंने राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के 5वें दीक्षांत समारोह में भी भाग लिया। अंबेडकर जयंती केंद्र सरकार के अवकाश के रूप में मनाई गई।
मुख्य तथ्य
- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 14 अप्रैल 2026 को बाबासाहेब की 135वीं जयंती पर गांधीनगर के लोक भवन में भारत रत्न डॉ. भीमराव रामजी अंबेडकर को पुष्पांजलि अर्पित की।
- राष्ट्रपति ने लोक भवन में आयोजित 'सामाजिक समरसता महोत्सव' की शोभा बढ़ाई, जिसमें गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत और मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल भी शामिल हुए।
- उसी दिन राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गांधीनगर के 5वें दीक्षांत समारोह में भाग लिया, जिसमें डिग्रियाँ प्रदान की गईं और आंतरिक सुरक्षा सेवा के लिए नए 'रक्षकों' को कमीशन दिया गया।
- राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय गृह मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय महत्व का संस्थान है, जो पुलिसिंग, आंतरिक सुरक्षा और सामरिक अध्ययन पर केंद्रित है।
- गांधीनगर की व्यस्तताएँ राष्ट्रपति मुर्मू की 13 से 16 अप्रैल 2026 तक गुजरात और महाराष्ट्र की चार दिवसीय यात्रा का हिस्सा थीं।
- अंबेडकर जयंती को 9 अप्रैल 2026 के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) के आदेश के तहत केंद्र सरकार के अवकाश के रूप में मनाया गया; पूरे भारत में बैंक, स्टॉक एक्सचेंज और केंद्रीय कार्यालय बंद रहे।
- डॉ. अंबेडकर की अध्यक्षता वाली संविधान प्रारूप समिति ने 21 फरवरी 1948 को संविधान का प्रारूप प्रस्तुत किया था, और संविधान 26 नवंबर 1949 को अंगीकृत किया गया था — दोनों मील के पत्थर हर अंबेडकर जयंती पर नियमित रूप से याद किए जाते हैं।
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14 अप्रैल 2026 को 'सामाजिक समरसता महोत्सव' में भाग लेते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने डॉ. बी.आर. अंबेडकर की 135वीं जयंती पर अपनी प्रमुख पुष्पांजलि कहाँ अर्पित की?
14 अप्रैल 2026 को राष्ट्रपति मुर्मू ने गांधीनगर के लोक भवन में बाबासाहेब अंबेडकर को पुष्पांजलि अर्पित की, जहाँ वे 'सामाजिक समरसता महोत्सव' में शामिल हुईं। 13-16 अप्रैल 2026 की उनकी चार दिवसीय गुजरात और महाराष्ट्र यात्रा के हिस्से के रूप में गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत और मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल समारोह में शामिल हुए। अन्य स्थान भी अंबेडकर से जुड़े हैं लेकिन उस दिन राष्ट्रपति ने वहाँ श्रद्धांजलि नहीं दी।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
14 अप्रैल 2026 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने डॉ. बी.आर. अंबेडकर को कहाँ पुष्पांजलि अर्पित की?
गांधीनगर के लोक भवन में, जहाँ उन्होंने अपनी चार दिवसीय गुजरात-महाराष्ट्र यात्रा के हिस्से के रूप में गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत और मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के साथ 'सामाजिक समरसता महोत्सव' की शोभा बढ़ाई।
राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय क्या है और राष्ट्रपति ने वहाँ क्या भूमिका निभाई?
राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, जिसका मुख्यालय गांधीनगर के लवड में है, गृह मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय महत्व का संस्थान है। यह पुलिसिंग, आंतरिक सुरक्षा और सामरिक अध्ययन के क्षेत्र में कैडर को प्रशिक्षण देता है। राष्ट्रपति मुर्मू ने 14 अप्रैल 2026 को इसके 5वें दीक्षांत समारोह में भाग लिया; समारोह में 563 डिग्रियाँ और डिप्लोमा प्रदान किए गए तथा अजीत कुमार डोभाल को मानद डॉक्टरेट दी गई।
14 अप्रैल 2026 को केंद्र सरकार का अवकाश क्यों घोषित किया गया था?
भारतीय संविधान के प्रमुख शिल्पी डॉ. भीमराव रामजी अंबेडकर की जयंती मनाने के लिए। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने 9 अप्रैल 2026 को अवकाश आदेश जारी किया, जो केंद्रीय कार्यालयों पर लागू था; बैंकों का बंद रहना स्थान के अनुसार अलग-अलग रहा।
डॉ. बी.आर. अंबेडकर को भारतीय संविधान का प्रमुख शिल्पी क्यों कहा जाता है?
डॉ. अंबेडकर ने संविधान सभा की प्रारूप समिति की अध्यक्षता की, जिसने 21 फरवरी 1948 को प्रस्तुत संविधान का प्रारूप तैयार किया। उन्होंने लगभग 17 सत्रों की बहस में प्रारूप का पक्ष रखा; संविधान अंततः 26 नवंबर 1949 को अंगीकृत हुआ और 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ। इसके संरचनात्मक और अधिकार-आधारित प्रावधानों में उनके नेतृत्व की छाप काफी हद तक दिखाई देती है।
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