भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने 11 मार्च 2026 को अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी जागरूकता प्रशिक्षण, स्टार्ट-2026, के चौथे संस्करण का उद्घाटन किया। 2026 संस्करण “अंतरिक्ष से अवलोकन” विषय पर केंद्रित है और पृथ्वी, सौरमंडल तथा उससे आगे के अध्ययन में कक्षीय प्लेटफ़ॉर्मों की भूमिका समझाता है।

इसरो के अनुसार पाठ्यक्रम में देशभर के विशेषज्ञों के 26 व्याख्यान शामिल हैं, जिनमें इसरो और अंतरिक्ष विभाग के वैज्ञानिक तथा अभियंता भी हैं। व्याख्यान 2 अप्रैल 2026 को समाप्त होने थे, जिसके बाद नोडल केंद्रों से पंजीकृत प्रतिभागियों के लिए ऑनलाइन परीक्षा होनी थी।

इस संस्करण में देशभर के शैक्षणिक संस्थान नोडल केंद्र के रूप में जुड़े हैं, जहाँ विद्यार्थी समूह में अध्ययन करते हैं और प्रदर्शन के आधार पर मेरिट प्रमाणपत्र के पात्र हो सकते हैं। इसरो ने स्टार्ट को भौतिक विज्ञान और प्रौद्योगिकी के स्नातकोत्तर तथा अंतिम-वर्ष स्नातक विद्यार्थियों को अंतरिक्ष क्षेत्र की ओर आकर्षित करने वाली पहल बताया है।

इसरो के अनुसार स्टार्ट कार्यक्रम 2023 से चल रहा है और अब तक 1.2 लाख से अधिक विद्यार्थियों, संकाय सदस्यों और अंतरिक्ष में रुचि रखने वालों को लाभ पहुँचा चुका है। कार्यक्रम को राष्ट्रीय शिक्षा नीति में प्रोत्साहित समग्र ज्ञान-दृष्टि से भी जोड़ा गया है।