राजस्थान के स्वास्थ्य विभाग ने क्षय रोग (टीबी) की जांच बेहतर बनाने के लिए सभी जिलों में 29 उन्नत पोर्टेबल एक्स-रे मशीनें तैनात करने की पहल शुरू की। ये मशीनें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) पर आधारित कंप्यूटर-सहायित पहचान तकनीक से संदिग्ध टीबी मामलों की तेज़ी से पहचान करती हैं।

राजस्थान में 2024 में टीबी के 1.7 लाख से अधिक मामले दर्ज हुए और जून 2025 तक 89,132 मामले सामने आए। हाल के जांच अभियान में इन एआई एक्स-रे मशीनों से लगभग 1.6 करोड़ ऐसे लोगों की जांच की गई, जिनमें टीबी का खतरा अधिक था; इनमें से 2.3 लाख लोगों में टीबी के लक्षण मिले। ईंट भट्ठों, खनन क्षेत्रों, जेलों और मलिन बस्तियों जैसे अधिक जोखिम वाले स्थानों को प्राथमिकता दी गई है। यह पहल भारत के 2025 तक टीबी उन्मूलन के लक्ष्य में सहयोग करती है।