गंभीर चक्रवाती तूफान 'मोंथा' 28–29 अक्टूबर 2025 की मध्यरात्रि को आंध्र प्रदेश के नरसापुरम के निकट तट से टकराया। इससे आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा तथा तमिलनाडु में व्यापक तबाही हुई। तट से टकराने के समय 2 मौतें हुईं और तेलंगाना में गहरे अवदाब में कमज़ोर पड़ते समय 6 और मौतें हुईं। ओंगोल में 25 सेमी वर्षा दर्ज हुई, 87,000 हेक्टेयर फसल बर्बाद हुई, 14 पुल ध्वस्त हुए और मछलीपट्टनम में बिजली आपूर्ति बाधित हुई। कुल क्षति लगभग ₹53 अरब (60.3 करोड़ डॉलर) आँकी गई। 29 अक्टूबर को तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश व ओडिशा में स्कूल बंद रहे। IMD ने पहले ही रेड अलर्ट जारी किया था। चक्रवात की नमी के कारण राजस्थान में भी असामयिक वर्षा हुई।
चक्रवात 'मोंथा' ने आंध्र प्रदेश में दस्तक दी — 8 मौतें, ₹53 अरब का नुकसान
गंभीर चक्रवाती तूफान 'मोंथा' 28–29 अक्टूबर 2025 की मध्यरात्रि को आंध्र प्रदेश के नरसापुरम के निकट तट से टकराया। इससे आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा तथा तमिलनाडु में व्यापक तबाही हुई। तट से टकराते समय 2 मौतें हुईं और तेलंगाना में गहरे दबाव क्षेत्र में कमजोर पड़ते समय 6 और मौतें हुईं। ओंगोल में 25 सेमी वर्षा दर्ज हुई, 87,000 हेक्टेयर फसल बर्बाद हुई, 14 पुल ध्वस्त हुए और मछलीपट्टनम में बिजली आपूर्ति बाधित हुई। कुल क्षति लगभग ₹53 अरब ($60.3 करोड़) आँकी गई। 29 अक्टूबर को तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश व ओडिशा में स्कूल बंद रहे। IMD ने पहले ही रेड अलर्ट जारी किया था। चक्रवात की नमी के कारण राजस्थान में भी असामयिक वर्षा हुई।
मुख्य तथ्य
- चक्रवात मोंथा 28-29 अक्टूबर 2025 की मध्यरात्रि को आंध्र प्रदेश के नरसापुरम के निकट तट से टकराया।
- गंभीर चक्रवाती तूफान से 8 मौतें हुईं, जिनमें 2 तट से टकराने के समय और 6 तेलंगाना में कमजोर पड़ते समय हुईं।
- चार राज्यों में कुल नुकसान लगभग ₹53 अरब ($60.3 करोड़) अनुमानित है।
- ओंगोल में 25 सेमी वर्षा दर्ज हुई और 87,000 हेक्टेयर फसल क्षतिग्रस्त हुई।
- 14 पुल ध्वस्त हुए और मछलीपट्टनम में बिजली आपूर्ति बाधित हुई।
- चक्रवात से आई नमी के कारण राजस्थान में भी असामयिक वर्षा हुई।
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गंभीर चक्रवाती तूफ़ान मोंथा ने 28-29 अक्टूबर 2025 की रात आंध्र प्रदेश के किस स्थान के निकट भूमि पर प्रहार किया?
गंभीर चक्रवाती तूफ़ान मोंथा 28-29 अक्टूबर 2025 की मध्यरात्रि के आसपास आंध्र प्रदेश के नरसापुरम के निकट तट से टकराया, जिससे आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा और तमिलनाडु में भारी तबाही हुई।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
चक्रवात मोंथा कहाँ और कब टकराया?
गंभीर चक्रवाती तूफान मोंथा 28-29 अक्टूबर 2025 की मध्यरात्रि को आंध्र प्रदेश के नरसापुरम के निकट तट से टकराया। इसके बाद यह उत्तर की ओर बढ़ते हुए तेलंगाना में गहरे अवदाब में बदलकर कमजोर हो गया।
चक्रवात मोंथा से कितनी मौतें हुईं और कुल नुकसान कितना रहा?
चक्रवात मोंथा से कुल 8 मौतें हुईं: 2 आंध्र प्रदेश में तट से टकराते समय और 6 तेलंगाना में कमजोर होते समय। चार राज्यों में कुल नुकसान लगभग ₹53 अरब ($60.3 करोड़) अनुमानित है।
चक्रवात मोंथा से कौन से राज्य प्रभावित हुए?
चक्रवात मोंथा ने चार राज्यों — आंध्र प्रदेश (जहाँ यह टकराया), तेलंगाना, ओडिशा और तमिलनाडु — में व्यापक तबाही मचाई। चक्रवात की नमी के कारण राजस्थान में भी असामयिक वर्षा हुई।
चक्रवात मोंथा ने कृषि और बुनियादी ढाँचे को क्या नुकसान पहुँचाया?
चक्रवात मोंथा ने लगभग 87,000 हेक्टेयर फसल को नुकसान पहुँचाया और 14 पुल ध्वस्त किए। ओंगोल में 25 सेमी वर्षा दर्ज हुई और मछलीपट्टनम में बिजली आपूर्ति बाधित हुई। कुल नुकसान ₹53 अरब अनुमानित है।
राजस्थान की दृष्टि से चक्रवात मोंथा का क्या महत्व है?
चक्रवात मोंथा राजस्थान के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इस चक्रवात की नमी के प्रवाह ने राजस्थान में असामयिक वर्षा को जन्म दिया। यह दर्शाता है कि दूरस्थ चक्रवाती तंत्र भी राजस्थान के मौसम को प्रभावित कर सकते हैं, जो RPSC परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है।
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