प्रकाशित: 7 मार्च 2026समाचार स्रोतखेल
भारत ने छत्तीसगढ़ में पहले खेलो इंडिया जनजातीय खेल 2026 की घोषणा की, 25 मार्च–6 अप्रैल
पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) की 6 मार्च 2026 की विज्ञप्ति में पहले खेलो इंडिया जनजातीय खेल (KITG) 2026 की योजना बताई गई थी। केंद्रीय युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने 7 मार्च 2026 को इस आयोजन की औपचारिक घोषणा की। ये खेल 25 मार्च से 6 अप्रैल 2026 तक छत्तीसगढ़ के तीन स्थानों — रायपुर, जगदलपुर और सरगुजा — में आयोजित होंगे। इनमें 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 3,800 जनजातीय खिलाड़ी भाग लेंगे।
पहला KITG खेलो इंडिया कार्यक्रम के तहत होने वाला ऐसा आयोजन है, जिसमें केवल जनजातीय खिलाड़ी कई खेलों में हिस्सा लेंगे। इसमें ओलंपिक में खेले जाने वाले प्रमुख खेलों के साथ मल्लखंब, कलारीपयट्टू, गतका और तीरंदाजी जैसे स्वदेशी जनजातीय खेल भी होंगे। इसका उद्देश्य प्रतिभाशाली जनजातीय खिलाड़ियों की पहचान करना और उनकी प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर पर निखारना तथा स्वदेशी खेलों को बढ़ावा देना है। राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में जनजातीय खिलाड़ियों की भागीदारी अक्सर कम रहती है; उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के अवसर देना भी इसका उद्देश्य है।
2018 में शुरू हुए खेलो इंडिया कार्यक्रम में अब खेलो इंडिया युवा खेल, खेलो इंडिया विश्वविद्यालय खेल और खेलो इंडिया शीतकालीन खेल भी शामिल हैं। जनजातीय खेलों का यह आयोजन भारतीय खेल जगत को अधिक समावेशी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। राजस्थान में मीना, भील, गरासिया और सहरिया समुदायों सहित अनुसूचित जनजातियों की बड़ी आबादी है। उम्मीद है कि राजस्थान ऐसा दल भेजेगा जो राज्य की स्वदेशी खेल परंपराओं का प्रतिनिधित्व करेगा।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: 7 मार्च 2026 को घोषित एवं 25 मार्च से 6 अप्रैल 2026 तक छत्तीसगढ़ में निर्धारित पहले खेलो इंडिया जनजातीय खेल 2026 के स्वदेशी खेल परंपराओं एवं जनजातीय एथलीट प्रतिनिधित्व को बढ़ावा देने के लिए उद्देश्यों एवं महत्व पर चर्चा कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने 7 मार्च 2026 को छत्तीसगढ़ के रायपुर, जगदलपुर एवं सरगुजा में 25 मार्च से 6 अप्रैल 2026 तक पहले खेलो इंडिया जनजातीय खेलों की घोषणा की। 30 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के लगभग 3,800 जनजातीय एथलीट ओलंपिक तथा मलखंब, कलरिपयट्टू एवं गतका जैसे खेलों में प्रतिस्पर्धा करेंगे।
6-अक्ष वर्गीकरण
कवरेजराष्ट्रीयविषयखेलपरीक्षाबेसिक कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर · CET स्नातक · CET सीनियर सेकेंडरी · EO/RO · LDC · महिला पर्यवेक्षक · पटवार · PTI · RAS · REET · RPSC SI · स्कूल व्याख्याता · सीनियर कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर · वरिष्ठ अध्यापक · UPSC · वनपाल · दोनोंस्रोतसमाचार स्रोत
यह टॉपिक में दिखता है
Tयोजनाएँ, कार्यक्रम एवं पहल
Tजनजातियाँ
Tखेलकूद
अभ्यास प्रश्न MCQ
हल करेंनीचे विकल्प चुनें। सही या गलत संकेत तुरंत दिखेगा।
जुड़ा प्रश्नआसान
पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 की मेजबानी कौन सा राज्य करेगा?
व्याख्या · सही उत्तर Bछत्तीसगढ़ पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 की मेजबानी करेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
खेलो इंडिया जनजातीय खेल 2026 क्या हैं और ये कब आयोजित होंगे?
खेलो इंडिया जनजातीय खेल (KITG) 2026 भारत का पहला ऐसा आयोजन है, जिसमें केवल जनजातीय खिलाड़ी कई खेलों में हिस्सा लेंगे। ये खेल 25 मार्च से 6 अप्रैल 2026 तक छत्तीसगढ़ के रायपुर, जगदलपुर और सरगुजा में होंगे।
KITG 2026 में कितने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के कितने जनजातीय खिलाड़ियों के भाग लेने की उम्मीद है?
खेलो इंडिया जनजातीय खेल 2026 में 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 3,800 जनजातीय खिलाड़ियों के भाग लेने की उम्मीद है। वे ओलंपिक में खेले जाने वाले प्रमुख खेलों के अलावा स्वदेशी और पारंपरिक जनजातीय खेलों में भी प्रतिस्पर्धा करेंगे।
खेलो इंडिया जनजातीय खेल 2026 किस सरकारी पहल के तहत आयोजित किए जाएंगे?
खेलो इंडिया जनजातीय खेल 2026 भारत सरकार के युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय की खेलो इंडिया पहल के तहत आयोजित किए जाएंगे। इनका उद्देश्य प्रतिभाशाली जनजातीय खिलाड़ियों को आगे बढ़ाना और स्वदेशी खेल परंपराओं को सहेजना है।
पहले खेलो इंडिया जनजातीय खेल 2026 की मेजबानी कौन-सा राज्य करेगा?
छत्तीसगढ़ पहले खेलो इंडिया जनजातीय खेल (KITG) 2026 की मेजबानी करेगा। ये खेल 25 मार्च से 6 अप्रैल 2026 तक रायपुर, जगदलपुर और सरगुजा में आयोजित होंगे।
खेलो इंडिया जनजातीय खेलों के उद्देश्य क्या हैं?
खेलो इंडिया जनजातीय खेलों का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभाशाली जनजातीय खिलाड़ियों को आगे बढ़ाना और स्वदेशी तथा पारंपरिक जनजातीय खेल परंपराओं को सहेजना है। यह आयोजन जनजातीय खिलाड़ियों को ओलंपिक में खेले जाने वाले प्रमुख खेलों में भी राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने का अवसर देगा।