22 जनवरी 2026 को गुजरात में भारत के पहले एकीकृत निजी उपग्रह निर्माण संयंत्र 'पलमनारो' की आधारशिला रखी गई। यह संयंत्र स्वदेशी उपग्रह उत्पादन के लिए तैयार किया गया है और इसका लक्ष्य सरकारी व वाणिज्यिक, दोनों तरह के मिशनों के लिए भारत को आत्मनिर्भर बनाना है।

यह संयंत्र एक ही एकीकृत उत्पादन लाइन पर पृथ्वी अवलोकन, संचार और नेविगेशन उपग्रह बनाने में सक्षम होगा। इसके मध्य 2027 तक प्रति वर्ष 20 उपग्रहों की प्रारंभिक क्षमता के साथ चालू होने की उम्मीद है। यह भारतीय अंतरिक्ष नीति 2023 के अनुरूप है।