प्रकाशित: 24 जनवरी 2026टॉपिक
भारत ने सैन्य क्वांटम मिशन नीति जारी की: CDS ने सशस्त्र बलों के लिए रणनीतिक रोडमैप पेश किया
रक्षा प्रमुख ने 22 जनवरी 2026 को भारत के सशस्त्र बलों में क्वांटम प्रौद्योगिकियों को शामिल करने के लिए व्यापक सैन्य क्वांटम मिशन नीति-ढांचा जारी किया। इस रूपरेखा में रक्षा क्षेत्र के लिए क्वांटम संचार, क्वांटम कंप्यूटिंग, क्वांटम सेंसिंग और क्वांटम सामग्री का विकास शामिल है।
यह ढांचा तीनों सेनाओं के संयुक्त कार्य और नागरिक-सैन्य तालमेल पर जोर देता है। इसके तहत प्रत्येक सेवा मुख्यालय में क्वांटम अनुसंधान कक्ष स्थापित करने की योजना है। प्रमुख उपयोगों में सुरक्षित सैन्य संचार के लिए क्वांटम कुंजी वितरण, पनडुब्बियों का पता लगाने और सटीक दिशानिर्धारण के लिए क्वांटम सेंसर तथा रसद व्यवस्था को बेहतर बनाने और कूट-विश्लेषण के लिए क्वांटम कंप्यूटिंग शामिल हैं। नीति का लक्ष्य 2028 तक प्रोटोटाइप तैनात करना और 2032 तक परिचालन क्षमता हासिल करना है।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
रक्षा प्रमुख (CDS) ने भारत की जिस सैन्य क्वांटम मिशन नीति को पेश किया, वह क्या है?
भारत के **रक्षा प्रमुख (CDS)** ने **सैन्य क्वांटम मिशन नीति** पेश की। यह भारत की रक्षा क्षमताओं में **क्वांटम प्रौद्योगिकियों** को शामिल करने की रणनीतिक रूपरेखा है। नीति में सुरक्षित सैन्य संचार के लिए **क्वांटम कुंजी वितरण (QKD)**, दिशानिर्धारण और लक्ष्य का पता लगाने के लिए **क्वांटम सेंसिंग**, कूट-विश्लेषण और रसद व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए **क्वांटम कंप्यूटिंग** तथा स्टील्थ विमानों का पता लगाने के लिए **क्वांटम रडार** शामिल हैं। इससे भारत राष्ट्रीय सुरक्षा में **क्वांटम क्रांति** का लाभ उठा सकेगा।
भारत की सैन्य क्वांटम नीति में किन प्रमुख क्वांटम प्रौद्योगिकियों को प्राथमिकता दी गई है?
भारत की **सैन्य क्वांटम नीति** में चार तकनीकी क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है: (1) **क्वांटम संचार** — सुरक्षित कमान और नियंत्रण के लिए अभेद्य QKD नेटवर्क; (2) **क्वांटम कंप्यूटिंग** — मौजूदा कूटलेखन को तोड़ना और सैन्य रसद व्यवस्था को बेहतर बनाना; (3) **क्वांटम सेंसिंग** — अतिसंवेदनशील गुरुत्वमापियों से पनडुब्बियों का पता लगाना और GPS के बिना दिशानिर्धारण; तथा (4) **क्वांटम रडार** — स्टील्थ विमानों का पता लगाना। **DRDO, IIT, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग का राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (NQM) तथा निजी क्षेत्र** इसके प्रमुख कार्यान्वयन भागीदार हैं।
भारत का राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (NQM) क्या है और इसका बजट कितना है?
भारत का **राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (NQM)** **2023-2031** के लिए **₹6,003.65 करोड़** के बजट के साथ मंजूर किया गया। इसका लक्ष्य 50-1000 क्यूबिट वाले क्वांटम कंप्यूटर, 2,000 km से अधिक दूरी तक **उपग्रह-आधारित क्वांटम कुंजी वितरण**, शहरों के बीच क्वांटम संचार नेटवर्क, चिकित्सा इमेजिंग और रक्षा के लिए क्वांटम सेंसर तथा प्रमुख शोध संस्थानों में **4-8 क्वांटम प्रौद्योगिकी केंद्र** विकसित करना है। यह मिशन क्वांटम प्रौद्योगिकी की वैश्विक दौड़ में भारत को **अमेरिका, चीन, यूरोपीय संघ और ब्रिटेन** के साथ खड़ा करता है।
क्वांटम प्रौद्योगिकी के सैन्य उपयोग से रणनीतिक लाभ कैसे मिलता है?
सैन्य क्षेत्र में क्वांटम प्रौद्योगिकी अभूतपूर्व रणनीतिक लाभ दे सकती है। **क्वांटम कूटलेखन (QKD)** संचार को ऐसी सुरक्षा देता है जिसे कोई पारंपरिक कंप्यूटर नहीं तोड़ सकता। **क्वांटम दिशानिर्धारण** पनडुब्बियों और मिसाइलों को विरोधी के नियंत्रण वाले क्षेत्रों में GPS के बिना काम करने में सक्षम बनाता है। **क्वांटम सेंसिंग** भूमिगत सुरंगों और छिपे लक्ष्यों का अत्यंत संवेदनशीलता से पता लगा सकती है, जबकि **क्वांटम कंप्यूटिंग** पारंपरिक एल्गोरिदम से कूटबद्ध विरोधी संचार को भेदकर आधुनिक युद्ध में निर्णायक खुफिया बढ़त दे सकती है।
सैन्य क्वांटम प्रौद्योगिकी की दौड़ में कौन-से देश आगे हैं और भारत की स्थिति क्या है?
**चीन** सैन्य क्वांटम प्रौद्योगिकियों में आगे है। उसके पास कार्यरत क्वांटम संचार उपग्रह (Micius) और 4,600 km से अधिक दूरी में फैले QKD नेटवर्क हैं तथा वह क्वांटम रडार पर शोध आगे बढ़ा रहा है। **अमेरिका** 1.2 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश वाली **राष्ट्रीय क्वांटम पहल** और रक्षा उन्नत अनुसंधान परियोजना एजेंसी (DARPA) के क्वांटम कार्यक्रम चला रहा है। **यूरोपीय संघ** क्वांटम फ्लैगशिप कार्यक्रम चला रहा है। भारत का **राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (NQM) और सैन्य क्वांटम नीति** उसे दूसरे स्तर पर रखते हैं। IIT, भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) और DRDO जैसे संस्थानों का मजबूत आधार होने के बावजूद चीन की 5-वर्षीय बढ़त की बराबरी के लिए भारत को अपनी क्षमता बहुत तेज़ी से बढ़ाने की ज़रूरत है।