प्रकाशित: 11 मार्च 2026DD Newsविज्ञान-प्रौद्योगिकी
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आधार की सुरक्षा मजबूत करने के लिए पहला बग बाउंटी कार्यक्रम शुरू किया
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने 11 मार्च 2026 को आधार तंत्र की साइबर सुरक्षा मजबूत करने के लिए अपना पहला व्यवस्थित बग बाउंटी कार्यक्रम शुरू किया। UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट, myAadhaar पोर्टल और सिक्योर क्यूआर कोड ऐप की सुरक्षा जांच के लिए 20 अनुभवी एथिकल हैकर और सुरक्षा शोधकर्ता चुने गए हैं।
कमज़ोरियों को गंभीर, उच्च, मध्यम और कम जोखिम की श्रेणियों में रखा गया है और पुरस्कार जोखिम के स्तर के अनुसार तय होता है। कार्यक्रम M/s ComOlho IT Private Limited के साथ साझेदारी में चलाया जा रहा है। यह भारत के डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को सुरक्षित बनाने की व्यापक मुहिम का हिस्सा है। भारत का सूचना सुरक्षा खर्च 2026 में $340 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है, जो 2025 की तुलना में 11.7% अधिक है।
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जुड़ा प्रश्नमध्यम
यूआईडीएआई ने 11 मार्च 2026 को शुरू किए गए अपने पहले संरचित बग बाउंटी कार्यक्रम को संचालित करने के लिए किस कंपनी के साथ साझेदारी की?
व्याख्या · सही उत्तर Dयूआईडीएआई ने बग बाउंटी कार्यक्रम के प्रबंधन के लिए साइबर सुरक्षा समाधान प्रदाता मेसर्स कॉमोल्हो आईटी प्राइवेट लिमिटेड के साथ साझेदारी की। भेद्यताओं को जोखिम-आधारित पुरस्कार प्रणाली के तहत गंभीर, उच्च, मध्यम और निम्न जोखिम के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मार्च 2026 में शुरू किया गया UIDAI का बग बाउंटी कार्यक्रम क्या है और इसमें किन डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म की जांच की जाती है?
**भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI)** ने आधार तंत्र की साइबर सुरक्षा मजबूत करने के लिए **11 मार्च 2026** को अपना **पहला व्यवस्थित बग बाउंटी कार्यक्रम** शुरू किया। **20 अनुभवी एथिकल हैकरों और सुरक्षा शोधकर्ताओं** का पैनल **UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट, myAadhaar पोर्टल** और **सिक्योर क्यूआर कोड ऐप** की सुरक्षा जांच करता है। कार्यक्रम **M/s ComOlho IT Private Limited** के साथ साझेदारी में चलाया जा रहा है।
UIDAI के 2026 के बग बाउंटी कार्यक्रम में कमज़ोरियों को किन श्रेणियों में रखा जाता है?
UIDAI के **2026 के बग बाउंटी कार्यक्रम** में कमज़ोरियों को चार श्रेणियों—**गंभीर, उच्च, मध्यम और कम जोखिम**—में रखा जाता है और पुरस्कार जोखिम के स्तर के अनुसार तय होता है। कार्यक्रम **ComOlho IT Private Limited** के साथ साझेदारी में चलाया जा रहा है। इसके तहत **20 एथिकल हैकर और सुरक्षा शोधकर्ता**, **UIDAI की वेबसाइट, myAadhaar पोर्टल** और **सिक्योर क्यूआर कोड ऐप** की सुरक्षा जांच करते हैं।
UIDAI के 2026 के बग बाउंटी कार्यक्रम में भागीदार कौन है और आधार धारकों की संख्या कितनी है?
**M/s ComOlho IT Private Limited**, UIDAI के **2026 के बग बाउंटी कार्यक्रम** में भागीदार है। **1.4 अरब से अधिक आधार धारकों** वाली यह डिजिटल पहचान प्रणाली **महत्वपूर्ण राष्ट्रीय बुनियादी ढांचा** है। **11 मार्च 2026** को शुरू किए गए इस कार्यक्रम का उद्देश्य **UIDAI की वेबसाइट, myAadhaar पोर्टल** और **सिक्योर क्यूआर कोड ऐप** में मौजूद कमज़ोरियों का समय रहते पता लगाना है, ताकि उनका दुरुपयोग न हो।
UIDAI के बग बाउंटी कार्यक्रम की शुरुआत के समय 2026 के लिए भारत का अनुमानित सूचना सुरक्षा खर्च कितना बताया गया?
UIDAI के बग बाउंटी कार्यक्रम की **11 मार्च 2026** को शुरुआत के समय बताया गया कि भारत का **सूचना सुरक्षा खर्च 2026 में $340 करोड़** तक पहुंच सकता है, जो **2025 की तुलना में 11.7% अधिक** है। कार्यक्रम **ComOlho IT Private Limited** के साथ साझेदारी में चलाया जा रहा है और इसमें **20 एथिकल हैकर** आधार तंत्र के डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म की सुरक्षा जांच करते हैं।
UIDAI के बग बाउंटी कार्यक्रम का उद्देश्य क्या है और आधार प्रणाली की सुरक्षा क्यों ज़रूरी है?
**11 मार्च 2026** को शुरू किए गए **UIDAI बग बाउंटी कार्यक्रम** का उद्देश्य आधार तंत्र की **कमज़ोरियों का समय रहते पता लगाना** है, ताकि उनका गलत इस्तेमाल न हो। **1.4 अरब से अधिक आधार धारकों** के कारण यह प्रणाली **महत्वपूर्ण राष्ट्रीय डिजिटल बुनियादी ढांचा** है। कार्यक्रम में **20 एथिकल हैकरों** का पैनल काम करता है और कमज़ोरियों को गंभीर, उच्च, मध्यम या कम जोखिम की श्रेणी में रखा जाता है।