सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति विक्रम नाथ को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, यानी नालसा, का नया कार्यकारी अध्यक्ष नामित किया गया है। उन्होंने न्यायमूर्ति सूर्यकांत का स्थान लिया है। यह नियुक्ति परीक्षा की दृष्टि से इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह समसामयिकी को विधिक सहायता, न्याय तक पहुंच, लोक अदालत और निःशुल्क विधिक सहायता की संवैधानिक पृष्ठभूमि से जोड़ती है। नालसा समाज के कमजोर वर्गों और पात्र वादकारियों को निःशुल्क विधिक सेवाएं उपलब्ध कराने से जुड़ा प्रमुख संस्थान है। यह विवादों के सौहार्दपूर्ण निपटारे के लिए लोक अदालतों का आयोजन भी करता है। इसलिए यह विषय केवल किसी व्यक्ति या पद की नियुक्ति तक सीमित नहीं है; इससे यह समझ बनती है कि न्याय व्यवस्था गरीब, वंचित या असमर्थ नागरिकों के लिए न्याय तक पहुंच को कैसे व्यावहारिक बनाती है। विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 इस संस्थागत व्यवस्था का अहम आधार है। संविधान का अनुच्छेद 39A राज्य को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने की दिशा देता है, ताकि आर्थिक या अन्य असमर्थता किसी नागरिक को न्याय पाने से न रोक सके। RAS और UPSC जैसी परीक्षाओं में ऐसे घटनाक्रम प्रीलिम्स में संस्था, पद, उत्तराधिकार का विवरण, लोक अदालत और संवैधानिक प्रावधान के रूप में पूछे जा सकते हैं। स्टैटिक जीके के लिहाज से नालसा, लोक अदालत, विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 और अनुच्छेद 39A को साथ पढ़ना उपयोगी रहेगा। उत्तर लिखते समय इसे न्यायपालिका, विधिक सहायता और कमजोर वर्गों की सुरक्षा के उदाहरण के रूप में रखा जा सकता है। मुख्य परीक्षा के दृष्टिकोण से यह विषय न्याय तक पहुंच, कमजोर वर्गों की विधिक सहायता और न्याय व्यवस्था की सामाजिक भूमिका से जुड़ता है।
न्यायमूर्ति विक्रम नाथ नालसा के कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त
न्यायमूर्ति विक्रम नाथ नालसा के कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त हुए; वे न्यायमूर्ति सूर्य कांत का स्थान लेंगे।
मुख्य तथ्य
- न्यायमूर्ति विक्रम नाथ को नालसा का नया कार्यकारी अध्यक्ष नामित किया गया है।
- उन्होंने न्यायमूर्ति सूर्यकांत का स्थान लिया है।
- नालसा कमजोर वर्गों और पात्र वादकारियों को निःशुल्क विधिक सेवाएं उपलब्ध कराने से जुड़ा है।
- नालसा विवादों के सौहार्दपूर्ण निपटारे के लिए लोक अदालतों का आयोजन करता है।
- परीक्षा की दृष्टि से नालसा, विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 और अनुच्छेद 39A को साथ पढ़ना चाहिए।
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अभ्यास प्रश्न MCQ
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राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) के नए कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में किसे नियुक्त किया गया?
न्यायमूर्ति विक्रम नाथ को NALSA के नए कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में नामित किया गया, जो न्यायमूर्ति सूर्यकांत के उत्तराधिकारी हैं। NALSA पात्र वादियों को निःशुल्क कानूनी सेवाएं प्रदान करता है और लोक अदालतें आयोजित करता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
न्यायमूर्ति विक्रम नाथ से जुड़ा मुख्य घटनाक्रम क्या है?
सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति विक्रम नाथ को नालसा का नया कार्यकारी अध्यक्ष नामित किया गया है। उन्होंने न्यायमूर्ति सूर्यकांत का स्थान लिया है।
नालसा का मुख्य काम क्या है?
नालसा कमजोर वर्गों और पात्र वादकारियों को निःशुल्क विधिक सेवाएं उपलब्ध कराने से जुड़ा है और विवादों के सौहार्दपूर्ण निपटारे के लिए लोक अदालतों का आयोजन करता है।
निःशुल्क विधिक सहायता से कौन-सा संवैधानिक प्रावधान जुड़ा है?
संविधान का अनुच्छेद 39A राज्य को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने की दिशा देता है, ताकि आर्थिक या अन्य असमर्थता किसी नागरिक को न्याय पाने से न रोक सके।
इस घटनाक्रम में कौन-से संस्थान या विषय जुड़े हैं?
इसमें सर्वोच्च न्यायालय, नालसा, लोक अदालत, विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 और अनुच्छेद 39A जैसे विषय जुड़े हैं।
यह विषय RAS और UPSC तैयारी के लिए क्यों उपयोगी है?
यह समसामयिकी को स्टैटिक जीके से जोड़ता है: संस्था और पद प्रीलिम्स में, जबकि न्याय तक पहुंच और कमजोर वर्गों की विधिक सहायता मुख्य परीक्षा के दृष्टिकोण से उपयोगी हैं।
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