UNESCO ने राजस्थान के पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग से जयपुर परकोटा शहर के संरक्षण और प्रबंधन की स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। यह रिपोर्ट इसलिए मांगी गई है क्योंकि शहरी दबाव और अनियंत्रित निर्माण से इस स्थल का धरोहर स्वरूप खतरे में पड़ रहा है।

जयपुर परकोटा शहर को 2019 में UNESCO की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया था और इसे 18वीं सदी की योजनाबद्ध शहरी वास्तुकला का उत्कृष्ट उदाहरण माना गया। महाराजा सवाई जय सिंह द्वितीय ने 1727 में वैदिक सिद्धांतों और ग्रिड वाली नगर-योजना के आधार पर यह शहर बसाया था। शहर के लिए शहरी भीड़, अतिक्रमण, इमारतों के ढांचे पर पड़ता दबाव और अनियंत्रित व्यावसायीकरण प्रमुख खतरे हैं। रिपोर्ट में यह बताना होगा कि ऐतिहासिक गुलाबी शहर के पारंपरिक वास्तुशिल्प स्वरूप को बचाए रखने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं।