20 अक्टूबर 2025 को यूरोपीय संघ परिषद ने नए यूरोपीय संघ-भारत रणनीतिक एजेंडा पर निष्कर्षों को मंजूरी दी और उच्च प्रतिनिधि तथा यूरोपीय आयोग के संयुक्त संचार का समर्थन किया। इस एजेंडा का उद्देश्य समृद्धि और स्थिरता, प्रौद्योगिकी और नवाचार, सुरक्षा और रक्षा, तथा कनेक्टिविटी और वैश्विक मुद्दों में संबंधों को गहरा करना है।

आधिकारिक यूरोपीय संघ सामग्री में यह नहीं कहा गया है कि भारत की कार्बन क्रेडिट ट्रेडिंग योजना को यूरोपीय संघ के कार्बन सीमा समायोजन तंत्र से औपचारिक रूप से जोड़ दिया गया है। स्रोतों में इसके बजाय कार्बन सीमा तंत्र के कार्यान्वयन, कार्बन बाजारों, मूल्य-निर्धारण तंत्र, ऊर्जा दक्षता, नवीकरणीय ऊर्जा और स्वच्छ प्रौद्योगिकी पर तकनीकी संवाद जारी रहने की बात कही गई है। भारत की कार्बन क्रेडिट ट्रेडिंग योजना ऊर्जा संरक्षण अधिनियम, 2001 (जैसा 2022 में संशोधित) के तहत घोषित की गई थी, जो 2070 तक नेट-जीरो की व्यापक संक्रमण रणनीति का हिस्सा है।