कैबिनेट ने चार राज्यों में ₹9,072 करोड़ की रेलवे बहु-ट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी
Aसीधा उत्तर
कैबिनेट ने ₹9,072 करोड़ की रेलवे बहु-ट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी है; इससे 4 राज्यों में 307 किमी रेल नेटवर्क और 5,407 गाँवों को लाभ होगा।
मुख्य तथ्य
CCEA ने 24 फरवरी 2026 को कुल ₹9,072 करोड़ की तीन मल्टी-ट्रैकिंग रेलवे परियोजनाओं को मंजूरी दी।
तीन परियोजनाएं हैं: गोंदिया-जबलपुर दूसरी लाइन (महाराष्ट्र-मध्य प्रदेश), पुनारख-कियुल तीसरी और चौथी लाइन (बिहार), और गमहरिया-चांडिल तीसरी और चौथी लाइन (झारखंड)।
ये परियोजनाएं भारतीय रेलवे नेटवर्क में लगभग 307 किमी जोड़ेंगी।
इन परियोजनाओं से लगभग 98 लाख की आबादी वाले 5,407 गांवों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
इनका 2030-31 तक पूरा होने का लक्ष्य है, ताकि माल और यात्री दोनों ट्रेनों के लिए उच्च-घनत्व मार्गों पर भीड़भाड़ कम हो सके।
कैबिनेट आर्थिक मामलों की समिति ने 24 फरवरी 2026 को ₹9,072 करोड़ की तीन रेलवे बहु-ट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी। इन परियोजनाओं में गोंदिया-जबलपुर दूसरी लाइन, पुनारख-कीऊल 3री-4थी लाइन (बिहार), और गम्हरिया-चांडिल 3री-4थी लाइन (झारखंड) शामिल हैं।
इन परियोजनाओं से रेलवे नेटवर्क में लगभग 307 किमी जुड़ेंगे और 98 लाख की आबादी वाले 5,407 गाँवों को संपर्क सुविधा मिलेगी। इन्हें 2030-31 तक पूरा करने का लक्ष्य है। बहु-ट्रैकिंग से उच्च-घनत्व मार्गों पर भीड़भाड़ कम होगी।
PYQप्रीलिम्स/PYQ दृष्टिकोण
RAS 2023 2024-25 के अंतरिम बजट में P.M. गति शक्ति फ्रेमवर्क के अंतर्गत घोषित तीन आर्थिक रेलवे कॉरिडोर के नाम लिखिए। — गतिशक्ति रेल गलियारों पर 2023 आरएएस प्रश्न इस बहु-ट्रैकिंग बुनियादी ढांचा विस्तार हेतु कैबिनेट अनुमोदन से संरेखित है।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, बिहार व झारखंड में कैबिनेट की 9,072 करोड़ रुपये बहु-ट्रैकिंग स्वीकृति के आर्थिक एवं सामाजिक प्रभाव पर चर्चा करें।
उत्तर (50 शब्द):
आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति ने 24 फरवरी 2026 को 9,072 करोड़ रुपये की तीन रेलवे बहु-ट्रैकिंग परियोजनाएँ मंज़ूर कीं। गोंदिया-जबलपुर, पुनारख-कियूल और गम्हरिया-चांडिल लाइनें 307 किलोमीटर नेटवर्क जोड़ेंगी तथा लगभग 5,407 गाँवों और 98 लाख आबादी की कनेक्टिविटी सुधारेंगी। इन्हें 2030-31 तक पूरा करने का लक्ष्य उच्च-घनत्व गलियारों पर भीड़ घटाएगा।
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मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने फरवरी 2026 में कितने राज्यों में 9,072 करोड़ रुपये की रेलवे मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी?
व्याख्या · सही उत्तर B
CCEA ने चार राज्यों में तीन मल्टी-ट्रैकिंग रेलवे परियोजनाओं को मंजूरी दी: महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश (गोंदिया-जबलपुर), बिहार (पुनरख-कीऊल) और झारखंड (गम्हरिया-चांडिल)।
कैबिनेट ने ₹9,072 करोड़ के रेलवे मल्टी-ट्रैकिंग प्रोजेक्ट क्यों मंजूर किए?
**केंद्रीय कैबिनेट** ने **₹9,072 करोड़ की रेलवे मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं** को मंजूरी दी ताकि **चार राज्यों** में मौजूदा पटरियों के साथ अतिरिक्त रेल लाइनें बिछाई जा सकें और क्षमता बढ़ाई जा सके।
**रेलवे मल्टी-ट्रैकिंग** क्या है?
**रेलवे मल्टी-ट्रैकिंग** में मौजूदा पटरियों के समानांतर अतिरिक्त पटरियां बिछाई जाती हैं। इससे मार्ग की क्षमता बढ़ती है और व्यस्त मार्गों पर अधिक ट्रेनें चलाई जा सकती हैं।
**रेलवे मल्टी-ट्रैकिंग** से माल ढुलाई गलियारे कैसे मजबूत होते हैं?
**मल्टी-ट्रैकिंग** से भारी मालगाड़ियों के लिए क्षमता बढ़ती है और **डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC)** नेटवर्क को सहारा मिलता है, जिससे **रेल लॉजिस्टिक्स** और बेहतर हो जाता है।
**₹9,072 करोड़ के रेलवे निवेश** का भारतीय अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव होगा?
इस निवेश से निर्माण क्षेत्र में रोजगार पैदा होगा, उद्योगों की **लॉजिस्टिक्स लागत** घटेगी और **माल परिवहन में रेल की हिस्सेदारी** बढ़ाने में मदद मिलेगी।
**चार राज्यों** में कौन सी **रेलवे मल्टी-ट्रैकिंग** परियोजनाएं शामिल हैं?
**कैबिनेट के ₹9,072 करोड़ रेलवे प्रोजेक्ट** में **चार राज्यों** के व्यस्त खंडों पर मल्टी-ट्रैकिंग का काम शामिल है, जिससे मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जा सके।
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